भारत निर्वाचन आयोग ने बिहार में 17 राजनीतिक दलों को पत्र लिखकर जवाब मांगा है, जिन्होंने 2019 के बाद अब तक कोई चुनाव नहीं लड़ा है। इन्हें 15 जुलाई तक अपना तथ्यात्मक पक्ष पेश करने को कहा गया है।
जुलाई 7, नई दिल्ली: भारत निर्वाचन आयोग ऐसे राजनीतिक दलों की मान्यता खत्म करने वाली है, जिन्होंने 2019 के बाद अब तक कोई चुनाव नहीं लड़ा है। देशभर में ऐसे 345 राजनीतिक दल हैं, जिनका ना कोई पार्टी कार्यालय है और जिन्होंने 2019 के बाद कोई चुनाव भी नहीं लड़ा है।
जिन 345 राजनीतिक दलों की मान्यता पर खतरा है उनमें बिहार के 17 राजनीतिक दल- भारतीय बैकवर्ड पार्टी, भारतीय सुराज दल, भारतीय युवा पार्टी (डेमोक्रेटिक), भारतीय जनतंत्र सनातन दल, बिहार जनता पार्टी, देशी किसान पार्टी, गांधी प्रकाश पार्टी, हमदर्दी जनरक्षक समाजवादी विकास पार्टी (जनसेवक), क्रांतिकारी साम्यवादी पार्टी, क्रांतिकारी विकास दल, लोक आवाज दल, लोकतांत्रिक समता दल, नेशनल जनता पार्टी (इंडियन), राष्ट्रवादी जन कांग्रेस, राष्ट्रीय सर्वोदय पार्टी, सर्वजन कल्याण लोकतांत्रिक पार्टी और व्यवसायी किसान अल्पसंख्यक मोर्चा शामिल हैं।
बिहार निर्वाचन विभाग के उप मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मनोज कुमार सिंह ने इन 17 पार्टियों को पत्र में लिखा है कि उनके द्वारा 2019 से गत छः वर्षों में कोई भी चुनाव नहीं लड़ा गया है। जबकि पंजीकरण के पश्चात् लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 के तहत आयोग द्वारा पंजीकृत राजनीतिक दलों को कई लाभ और सुविधाएं देय होती है। उप मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने इन 17 पार्टियों को 15 जुलाई तक अपना तथ्यात्मक पक्ष पेश करने को कहा है।











