रिपोर्ट अनमोल कुमार
सुल्तानगंज। “बिहार के भागलपुर जिले के सुल्तानगंज स्थित नमामि गंगे घाट से आज श्रावणी मेला 2025 का भव्य शुभारंभ हुआ। आयोजन का नेतृत्व भागलपुर के जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने किया और कार्यक्रम में बिहार के दोनों उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कर मेले का उद्घाटन किया।”
“इस मौके पर 21 करोड़ की लागत से बनने वाली दो अत्याधुनिक धर्मशालाओं का शिलान्यास किया गया। वहीं श्रावणी मेला 2025 पर आधारित एक विशेष पुस्तक और मोबाइल ऐप का लोकार्पण भी उपमुख्यमंत्रियों द्वारा किया गया।”
“उद्घाटन समारोह में उपमुख्यमंत्रियों ने कहा कि कांवरियों को हर साल बेहतर सुविधा मिले, यही राज्य सरकार की प्राथमिकता है। अजगैवीनाथ धाम तक मरीन ड्राइव और फोरलेन सड़क का निर्माण कार्य जारी है।”
“उन्होंने यह भी ऐलान किया कि सुल्तानगंज-अगुवानी पुल अगले 18 महीने में बनकर तैयार होगा। साथ ही रेलवे की 1700 एकड़ ज़मीन पर विशेष योजनाएं लाई जाएंगी, और उत्तरवाहिनी गंगा का जल नहरों से खेतों तक पहुंचाकर हजारों किसानों को फायदा मिलेगा।”
संभावित स्पीच क्लिप्स (बाइट्स के लिए संदर्भ):
सम्राट चौधरी (उपमुख्यमंत्री, बिहार):
“श्रावणी मेला श्रद्धा और संस्कृति का संगम है। बिहार सरकार इसे विश्व स्तरीय आयोजन बनाने की दिशा में निरंतर प्रयासरत है।”
विजय कुमार सिन्हा (उपमुख्यमंत्री, बिहार):
“श्रावणी मेले को न केवल धार्मिक दृष्टि से, बल्कि क्षेत्रीय विकास का केंद्र भी बनाया जा रहा है। पुल, सड़क, धर्मशाला — सभी प्रोजेक्ट इसी का हिस्सा हैं।”
संजय सरावगी (राजस्व मंत्री, बिहार):
“राजस्व विभाग भी इस मेले में अपनी भूमिका निभा रहा है। कांवरियों की सुविधा सर्वोपरि है।”
दिलीप जायसवाल (प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा):
“यह आयोजन बिहार की सांस्कृतिक पहचान है। केंद्र और राज्य सरकार मिलकर इसकी गरिमा को और बढ़ा रही है।”
जयंत राज (भवन निर्माण मंत्री):
“धर्मशालाओं का निर्माण, मरीन ड्राइव, और फोरलेन सड़क — सभी योजनाएं एक समग्र विकास की तस्वीर पेश करती हैं।”











