
तीन घंटे में साकार हुई संपूर्ण रामकथा, छऊ और कलरिपयट्टु के युद्ध दृश्यों ने मोहा दर्शकों का मन
पद्मश्री वीरेंद्र प्रभाकर की स्मृति में ‘युग-युग की सत्य कथा’ का भव्य मंचन तीन घंटे में साकार हुई संपूर्ण रामकथा, छऊ और कलरिपयट्टु के युद्ध दृश्यों ने मोहा दर्शकों का मन नई दिल्ली। भारतीय कला, संस्कृति और फोटोजर्नलिज्म के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान देने वाले पद्मश्री वीरेंद्र प्रभाकर की स्मृति में श्रीराम भारतीय कला केंद्र, मंडी हाउस में ‘युग-युग की सत्य कथा’ संपूर्ण रामलीला का भव्य मंचन किया गया। चित्र कला संगम की ओर से आयोजित इस विशेष प्रस्तुति में श्रीराम भारतीय कला केंद्र के कलाकारों ने तीन घंटे में




























