तीन लोगों की मौत के बाद भी अधूरा पड़ा मुढ़ा पुख्ता पुल, फाइलों में अटका 104 करोड़ का प्रस्ताव
बरेली। बदायूं जिले के दातागंज क्षेत्र में रामगंगा नदी पर स्थित मुढ़ा पुख्ता पुल के पुनर्निर्माण और विस्तार का मामला एक बार फिर प्रशासनिक प्रक्रियाओं में उलझ गया है। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) और सेतु निगम द्वारा भेजे गए 104 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को शासन की वित्त समिति ने पांचवीं बार आपत्तियों के साथ वापस कर दिया है। इससे पुल निर्माण कार्य शुरू होने में लगातार देरी हो रही है और आगामी बाढ़ सीजन से पहले इसके चालू होने की संभावना भी धूमिल होती जा रही है।
सितंबर 2023 में आई भीषण बाढ़ के दौरान पुल का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त होकर बह गया था। तब से यह मार्ग बाधित है और क्षेत्रीय लोगों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। 24 नवंबर 2024 को पुल के क्षतिग्रस्त हिस्से में एक कार गिरने से तीन युवकों की मौत हो गई थी, जिसके बाद यह पुल प्रदेशभर में चर्चा का विषय बना था।
पुल बंद होने के कारण स्थानीय लोगों को कई किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। स्थायी समाधान के लिए लोक निर्माण विभाग ने आईआईटी रुड़की के विशेषज्ञों से अध्ययन कराया था। जनवरी 2025 में शुरू हुई मॉडल स्टडी के बाद विशेषज्ञों ने अपनी रिपोर्ट में पुल की लंबाई लगभग 200 मीटर बढ़ाने, 400 मीटर नया संपर्क मार्ग बनाने तथा तीन से चार किलोमीटर अतिरिक्त एप्रोच रोड विकसित करने की सिफारिश की थी।
इसी आधार पर 104 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा गया, लेकिन वित्त समिति की आपत्तियों के कारण इसे अभी अंतिम स्वीकृति नहीं मिल सकी है। विभाग ने संशोधित जानकारी के साथ फाइल दोबारा शासन को भेज दी है।
लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता (एक्सईएन) नरेश कुमार ने बताया कि शासन द्वारा मांगी गई कुछ अतिरिक्त जानकारियों का जवाब तैयार कर पुनः भेज दिया गया है। स्वीकृति मिलते ही निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।












