जनसंघ के 75 वर्ष पूर्ण: दिल्ली भाजपा अध्यक्ष बोले- “व्यक्ति आते-जाते हैं, विचार अमर रहते हैं”, सीएम रेखा गुप्ता ने कार्यकर्ताओं के त्याग को किया नम
अनिल कुमार गुप्ता दिल्ली
नई दिल्ली, 21 अक्टूबर 2026। भारतीय जनसंघ की स्थापना के 75 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित कार्यक्रम में दिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि यह केवल वर्षगांठ नहीं, बल्कि 21 अक्टूबर 1951 को डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी द्वारा जलाए गए दीप के सूर्य बनने की यात्रा का उत्सव है।
उन्होंने कहा कि 1952 में 3 सांसदों से शुरू हुई जनसंघ की यात्रा 1967 में 35 सांसदों तक पहुंची। सीटें कम रहीं, पर वोट शेयर 1952 के 3.1% से बढ़कर 1967 में 9.4% हुआ, क्योंकि जनसंघ सत्ता के लिए नहीं, सिद्धांत के लिए लड़ी।
अध्यक्ष ने 23 जून 1953 को डॉ. मुखर्जी के बलिदान और 11 फरवरी 1968 को पंडित दीनदयाल उपाध्याय की मृत्यु को अपूरणीय क्षति बताया। 25 जून 1975 के आपातकाल का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि दिल्ली समेत देशभर में एक लाख से ज्यादा कार्यकर्ता जेल गए, पर राष्ट्रवाद का नारा नहीं छोड़ा।
1977 में जनता पार्टी में विलय और 1979 में आरएसएस से संबंध को लेकर हुए विवाद पर उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी और लालकृष्ण आडवाणी ने स्पष्ट किया था कि संघ सांस्कृतिक प्रेरणा है, इसे नहीं छोड़ सकते। सत्ता गई, पर स्वाभिमान नहीं बेचा।
6 अप्रैल 1980 को भाजपा के गठन का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि 1984 में 2 सांसदों वाली पार्टी 2014, 2019 और 2024 में लगातार सरकार बनाकर आज जनसंघ के सपनों को पूरा कर रही है। अनुच्छेद 370 हटना, राम मंदिर निर्माण और तीन तलाक पर कानून को उन्होंने इसका प्रमाण बताया।
कार्यक्रम में दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने कहा कि यह 75 वर्ष की यात्रा संकल्प से समर्पण तक की गौरवशाली यात्रा है। उन्होंने कहा कि उस समय न गाड़ियां थीं, न संसाधन, कार्यकर्ता पैदल और साइकिल से संगठन का काम करते थे, पर चेहरे पर शिकन नहीं आती थी। दो सीटों से शुरू हुई पार्टी का 303 सीटों तक पहुंचना लाखों कार्यकर्ताओं के त्याग का परिणाम है।
उन्होंने कहा कि भाजपा केवल दल नहीं, परिवार और मिशन है, जिसका लक्ष्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 2047 तक विकसित भारत का निर्माण है।











