October 17, 2026 1:59 pm

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पुण्य सम्राट द्वारा 66 वर्ष पूर्व प्रारंभ नवकार महामंत्र आराधना सतत जारी

इन्दौर माणक लाल जैन

*पुण्य सम्राट द्वारा 66 वर्ष पूर्व प्रारंभ नवकार महामंत्र आराधना सतत जारी*

*इंदौर में गूंजेगी गच्छाधिपति की निश्रा में नवकार महामंत्र आराधना*

जैन धर्म का सर्वोच्च सार्वभौमिक अनादि महामंत्र नमस्कार महामंत्र यह किसी व्यक्ति विशेष को नहीं बल्कि पंच परमेष्ठी के अनंत गुणों की वंदना का मंत्र है श्रद्धा भक्ति के साथ किया गया जाप मन वचन काया को पवित्र बनाकर आत्म कल्याण का मार्ग प्रशस्त करता है तथा साधक को आध्यात्मिक उन्नति की ओर अग्रसर करता है

 

*पुण्य सम्राट राष्ट्र संत श्रीमद् विजय जयंत सेन सुरीश्वर जी महाराज साहब ने सन 1961 में निंबाहेड़ा चातुर्मास के दौरान श्री नमस्कार महामंत्र आराधना का शुभारंभ किया और सन 1966 में पुण्य सम्राट का राणापुर चातुर्मास* के दौरान इसे अखिल भारतीय स्वरूप प्रदान किया आज यह आराधना देश-विदेश में अनंत श्रद्धा भक्ति और उत्साह एवं अनुशासन के साथ संपन्न हो रही है तथा हजारों श्रद्धालु प्रतिवर्ष इसमें भाग लेकर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त कर रहे हैं

*उक्त जानकारी अखिल भारतीय श्री राजेंद्र जैन नवयुवक परिषद के राष्ट्रीय सह मंत्री श्री रुपेश पोरवाल ने दी*

नवकार महामंत्र की महिमा केवल भारत तक सीमित नहीं रही जापान सहित अनेक देशों में भी पुण्य सम्राट की प्रेरणा से नवकार आराधना महामंत्र को अपनाया व रात्रि भोज का त्याग कर शाकाहारी अहिंसा और सात्विक जीवन शैली को स्वीकार किया है अनेक साधकों ने मानसिक शांति सकारात्मक परिवर्तन एवं आध्यात्मिक आनंद का प्रत्यक्ष अनुभव किया है

इस सामूहिक साधना के माध्यम से *प्रतिवर्ष करोड़ों नवकार महामंत्र का जाप* होता है जिसमें श्रद्धालुओं में आत्मविश्वास संयम सदाचार करुणा धर्मनिष्ठ एवं आत्म बल का विकास होता है नियमित जाप से मानसिक शांति सकारात्मक ऊर्जा आध्यात्मिक शक्ति तथा कर्म निर्रजा का मार्ग प्रशस्त होता है और जीवन में आने वाली अनेक विघ्न बाधाओं का सहने एवं पार करने की शक्ति बल प्रदान करते हैं

नवकार महामंत्र केवल एक मंत्र नहीं बल्कि आत्म शुद्धि आत्म जागरण करुणा और मोक्ष मार्ग का दिव्य आधार है श्रद्धा भक्ति अनियमितता और समर्पण के साथ किया गया जब व्यक्ति के आध्यात्मिक मानसिक एवं नैतिक उत्थान का सशक्त माध्यम बनता है

आज देश में अनेक जैन संघों में श्री नवकार महामंत्र आराधना का आयोजन किया जा रहा है जिसका मूल प्रेरणा स्रोत पूज्य राष्ट्र संत जैन आचार्य *श्रीमद् विजय जयंत जैन सुरिश्वर जी महाराज साहब* द्वारा प्रारंभ की गई थी यह दिव्य परंपरा आज भी निरंतर चालू है

नव दिनों की नमस्कार महामंत्र आराधना में आराधकों को एकासना के साथ प्रतिक्रमण, देव वंदन,जिनपूजन,गुरु पूजन, प्रतिदिन 20 माला का जाप एवं प्रवचन एवं नमस्कार महामंत्र के 68 अक्षरों के अनुरूप 68 तीर्थ की भाव यात्रा और भी विविध आध्यात्मिक कार्यक्रम संपन्न होते हैं

 

इस वर्ष इंदौर में गुरु राज स्पर्श चातुर्मास 2026 में यह नवकार महामंत्र आराधना दिनांक 20 /8 /26 से 28 /8/26 तक नव दिन का आयोजन किया जाएगा

 

इंदौर नगर की पावन धरा पर वर्तमान गच्छाधिपति हृदय सम्राट पूज्य आचार्य *श्रीमद विजय नित्य सेन सुरिश्वर जी महाराज साहब* आदि श्रमण एवं श्रमणी वृन्द की पावन निश्रा में आयोजित होगी और भी अन्य नगर के श्री संघों में नमस्कार महामंत्र आराधना का आयोजन किया जा रहा है

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