झाबुआ माणक लाल जैन
*आगामी पर्वों के दौरान कानून-व्यवस्था एवं साम्प्रदायिक सद्भाव बनाए रखने धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी*
*धरना, प्रदर्शन, जुलूस एवं रैली के लिए पूर्व अनुमति अनिवार्य, शस्त्र प्रदर्शन एवं आपत्तिजनक सोशल मीडिया पोस्ट पर रहेगा प्रतिबंध*
झाबुआ, 04 सितम्बर 2026 आगामी त्यौहारों, पर्वों, विवाह एवं अन्य समारोहों के दौरान जिले में कानून-व्यवस्था, सुरक्षा एवं साम्प्रदायिक सद्भाव बनाए रखने के उद्देश्य से कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी डॉ. योगेश तुकाराम भरसट द्वारा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 (1) एवं (2) के तहत सम्पूर्ण झाबुआ जिले की राजस्व सीमा में प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया गया है। आदेश 03 सितम्बर से 03 नवम्बर 2026 तक प्रभावशील रहेगा।
आगामी अवधि में जन्माष्टमी, गणेश चतुर्थी, नवाखाई, तेजा दशमी, डोल ग्यारस, अनंत चतुर्दशी, गांधी जयंती, सर्वपितृ मोक्ष अमावस्या, नवरात्रि, दशहरा एवं महर्षि वाल्मीकि जयंती सहित विभिन्न पर्व एवं त्यौहार मनाए जाएंगे। इन अवसरों पर आयोजित होने वाली रैली, जुलूस, शोभायात्रा, सार्वजनिक सभा, धरना-प्रदर्शन एवं अन्य आयोजनों के दौरान लोक शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने तथा किसी भी अप्रिय घटना की संभावना को रोकने के लिए प्रतिबंधात्मक प्रावधान लागू किए गए हैं।
आदेश के तहत जिले की सम्पूर्ण राजस्व सीमा में साम्प्रदायिक एवं धार्मिक उन्माद फैलाने वाले आपत्तिजनक गाने बजाना प्रतिबंधित रहेगा। साथ ही फेसबुक, व्हाट्सएप, ट्विटर, इंस्टाग्राम, इंटरनेट सहित अन्य सोशल मीडिया माध्यमों से आपत्तिजनक फोटो, कमेंट, चित्र अथवा संदेश पोस्ट या प्रसारित करना पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।
जिले में किसी भी संगठन अथवा व्यक्ति द्वारा धरना-प्रदर्शन, जुलूस, रैली या अन्य सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित करने से पूर्व संबंधित क्षेत्र के अनुविभागीय दण्डाधिकारी से अनुमति प्राप्त करना अनिवार्य होगा। सक्षम पुलिस अधिकारी के अभिमत के साथ आवेदन कार्यक्रम से कम से कम 48 घंटे पूर्व तथा पुलिस अधिकारी के अभिमत के बिना आवेदन कम से कम 72 घंटे पूर्व प्रस्तुत करना होगा।
अनुमति प्राप्त करने वाले आयोजकों की जिम्मेदारी होगी कि पूरे कार्यक्रम की वीडियोग्राफी कराई जाए। साथ ही कार्यक्रम शांतिपूर्ण एवं हिंसा रहित तरीके से सम्पन्न कराने का उत्तरदायित्व भी आयोजक संस्था का होगा।
प्रशासनिक अनुमति से आयोजित कार्यक्रमों में ऐसे नारे, बैनर अथवा पोस्टर का प्रयोग नहीं किया जा सकेगा, जिनसे किसी धर्म अथवा वर्ग की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचे। किसी भी कार्यक्रम के दौरान शस्त्रों का प्रदर्शन पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। इसका उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति के साथ कार्यक्रम के आयोजक अथवा आयोजकों का भी उत्तरदायित्व निर्धारित करते हुए उनके विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।
सभी प्रकार के आयोजन प्रशासनिक अधिकारियों से आवश्यक अनुमति प्राप्त करने के उपरांत ही किए जा सकेंगे। बिना अनुमति आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रमों को अवैधानिक मानते हुए आवश्यक वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
चूंकि यह आदेश सर्वसाधारण को संबोधित है और इसकी व्यक्तिशः तामिली संभव नहीं है, इसलिए इसे भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 (2) के अंतर्गत एकपक्षीय रूप से पारित किया गया है।
उक्त प्रतिबंधात्मक आदेश 03 सितम्बर से 03 नवम्बर 2026 तक प्रभावशील रहेगा। प्रभावशील अवधि में आदेश का उल्लंघन भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223 के अंतर्गत दण्डनीय अपराध की श्रेणी में आएगा।












