*नारी राष्ट्र की उन्नति का आधार है-उर्मिला सचदेवा न्यूजीलैंड*
*महर्षि दयानन्द ने महिलाओं को अधिकार दिये-विमलेश बंसल*
गाजियाबाद,शुक्रवार 30 जनवरी 2026,केन्द्रीय आर्य युवक परिषद के 48वें वार्षिकोत्सव पर राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल आर्य के सानिध्य में त्रिदिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय आर्य महावेबिनार का आयोजन किया गया।कोरोना काल से 759 वाँ वेबिनार था।
कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक विद्वान आचार्य अखिलेश्वर (हरिद्वार) ने राष्ट्ररक्षा यज्ञ से किया उन्होंने कहा कि वैदिक संस्कृति पुरातन व सर्वश्रेष्ठ है।
द्वितीय सत्र में अन्तर्राष्ट्रीय आर्य महिला सम्मेलन का आयोजन किया गया्।मुख्य वक्ता आचार्या विमलेश बंसल ने नारी सशक्तिकरण पर जोर देते हुए सभी को स्वामी दयानंद जी के पदचिन्हों पर चलने के लिए प्रेरित किया तथा नारियों को आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।उन्होंने कहा कि आर्य समाज ने बाल विवाह,सती प्रथा जैसी कुरीतियों को बंद किया और विधवाओं को पुनर्विवाह के अधिकार दिऐ।
मुख्य अतिथि न्यूज़ीलैंड से वैदिक विदुषी उर्मिला सचदेवा ने बताया की नारियों के अन्दर प्रबल शक्ति है उन शक्तियों का प्रयोग कर नारी अपने परिवार,अपने राष्ट्र,अपने धर्म के प्रति आगे बढ़कर कार्य करने को प्रोत्साहित होती है।उन्होंने स्वामी दयानंद जी का भी धन्यवाद करते हुए उन्हें नमन किया।उन्होंने अपने विचारों में सब को बताया कि नारी नर हृदय की आशा है,नारी को कंधे से कंधा मिलाकर चलना हैतभी राष्ट्र की उन्नति हो सकती है।इसलिए नारी तू आत्मनिरीक्षण कर और सबको आर्य बना।हमें वैदिक संस्कारों को विश्वस्तर पर फैलाना है।
प्रो.करुणा चांदना ने बताया कि आर्य समाज ही एक ऐसी संस्था है जहां पर नर और नारी सभी को समान रूप से सम्मान प्राप्त होता है।नारी शक्ति की देवी है,नारी तू आगे बढ़।उन्होंने आगे कहा कि यदि नारी स्वस्थ है तो पूरा परिवार स्वस्थ और निरोगी रह सकता है।बिमला आहूजा ने अपने सुंदर विचारों द्वारा स्वामी जी का धन्यवाद किया और नारियों को आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
आर्य नेत्री जनक अरोडा ने स्वामी दयानंद जी की विचारधारा को वेदों के चार स्तंभ के आधार पर रखते हुए बताया कि समानता,वसुदेव कुटुंबकम,किसी भी कार्य का प्रमाण रूप और धर्म के वास्तविक स्वरूप इन विचारों को अपनाएं।उन्होंने बताया कि धर्म के लक्षणों को जीवन में उतार कर हमें आगे बढ़ना होगा।नारी को अपने बच्चों को गर्भ से ही अच्छे संस्कार देना प्रारंभ कर देना चाहिए।
इस अवसर पर श्रीमती पुष्पा बंसल,डा आर के आर्य,डा सौरभ आर्य,महेन्द्र भाई ने भी अपने विचार रखे।
गायिका पिंकी आर्या,जनक अरोड़ा, प्रतिभा कटारिया,कुसुम भंडारी, प्रवीण आर्य ने मधुर भजनों के द्वारा सभी का मन मोह लिया।
मंच संचालिका श्रुति सेतिया ने नारियों को आगे बढ़ने और समाज को जागृत रहने की दिशा में अपने को तथा प्रेरणादाई कविताएं भी सुनाई।
केन्द्रीय आर्य युवक परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल आर्य ने धन्यवाद ज्ञापन व प्रदेश अध्यक्ष प्रवीण आर्य ने शांति पाठ के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ












