डाँ. पीयूष सक्सेना भव्य स्वागत समारोह का हुआ आयोजन
क्लींजिंग थेरेपी के प्रचार प्रसार से जनहित व आत्मसंतुष्टि ही उनका मुख्य ध्येय है-डा पीयूष सक्सेना
क्लींजिंग थेरेपी स्वस्थ राष्ट्र की दिशा में एक सार्थक कदम -देवेन्द्र हितकारी
गाजियाबाद,सोमवार,11 मई , 2026 को हॉलिस्टिक जीवन धारा फाउंडेशन द्वारा सेकेंड-सी/102, नेहरू नगर में क्लींजिंग थेरेपी के प्रणेता डाँ. पीयूष सक्सेना पी.एच डी.(नेचुरोपैथी) अमेरिका का भव्य स्वागत सम्मान समारोह का आयोजन देवेन्द्र हितकारी की अध्यक्षता में सूत्रधार डॉ.यशपाल गुप्ता विशेषज्ञ क्लींजिंग थेरेपी व (कोर्डिनेटर उ.भारत) के नेतृत्व में किया गया।
समारोह का शुभारंभ ओ३म् की ध्वनि और गायत्री मंत्र से किया।समारोह में गाजियाबाद के गणमान्य समाजसेवीओं ने शाल ओढ़ाकार,बुके देकर एवं पुष्पमालाओं द्वारा स्वागत किया गया।
डा. यशपाल गुप्ता ने बताया कि क्लींजिंग थेरेपी को भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा आरएमपी की देखरेख में प्रेक्टिस हेतु स्वीकृति मिलने के उपलक्ष में यह कार्यक्रम किया जा रहा है।किलींजिंग थेरेपी एक ऐसी विधा है जिससे ह्रदय रोग,जोड़ों का दर्द,लिवर व किडनी सम्बंधित 90% स्वास्थ्य समस्याओं और गंभीर रोगों का 100% इलाज हो जाता है और रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है।
डा पीयूष सक्सेना ने अपने उद्बोधन में कहा कि क्लींजिंग थेरेपी की प्रासंगिक विधियों,नुस्खों को स्वयं पर,अपने माता पिता,पत्नी और पुत्र-पुत्री पर आजमाया है और उनके फायदों को जांचा परखा है।उन्होंने आगे कहा कि वे कोई फीस, डोनेशन आदि नहीं लेते और ना ही किसी कंपनी के उत्पादों का प्रचार प्रसार करते हैं।क्लींजिंग थेरेपी के प्रचार प्रसार से जनहित व आत्मसंतुष्टि ही उनका मुख्य ध्येय है।उन्होंने आगे कहा कि जीवन में यदि हम आंतरिक अंगों को क्लीन करते हैं तो 90% बीमारी से बचे रहते हैं।इससे एनर्जी लेवल बढ़ेगा, नींद अच्छी आएगी, आंखों के नीचे झाइयां चली जाएंगी,हिमोग्लोबिन का लेवल ठीक होगा,कमर दर्द, गुर्दे की पथरी गल कर निकल जाएगी, महिलाओं की पीसीओएस आदि समस्याएं ठीक होंगी।श्रोताओं के प्रश्नों का भी उन्होंने उत्तर देकर संतुष्ट किया।
योग मर्मज्ञ देवेन्द्र हितकारी ने डा सक्सेना का परिचय देने के साथ कहा कि क्लींजिंग थेरेपी के जनक डॉ. पीयूष सक्सेना के सान्निध्य में नेचुरोपैथी के कैम्प लगाए जाते हैं जिसमें विभिन्न रोगों से बचाव तथा उपचार की प्रक्रिया में बिना दवाई के हम अपने शरीर को रोगमुक्त कर सकते हैं।इसमें 28 प्रकार के क्लींजिंग आदि की प्रक्रिया द्वारा उपचार किया जाता है।इस थैरेपी के नियमित अभ्यास से धीरे धीरे दवाइयों की निर्भरता कम होती जाती है और शरीर पूरी तरह रोगमुक्त हो जाता है।क्लींजिंग थेरेपी स्वस्थ राष्ट्र की दिशा में एक सार्थक कदम है।
डा बी के हनुमान ने बताया कि वे शीघ्र ही क्लींजिंग थेरेपी पर निःशुल्क सेमिनार का आयोजन हिन्दी भवन में डा पीयूष सक्सेना के सानिध्य में करेंगे।
इस अवसर पर सर्वश्री दिनेश बग्गा, डॉ वी के अग्रवाल,रामजी लाल, अनिल अग्रवाल सांवरिया,डॉ रुखसाना प्रवीन आदि ने भी अपने विचार रखे।
इस अवसर पर मुख्य रूप से सर्वश्री डा प्रमोद सक्सेना, त्रिलोक शास्त्री, प्रवीण आर्य डा राजन आदर्श,सीए शिव सिंघल,अवनीश गर्ग, डॉ पीके वर्मा आदि मौजूद रहे।












