### एमसीडी सदन में नीट पेपर लीक पर हंगामा, भाजपा पर चर्चा से भागने का आरोप
### “आप” ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग उठाई
*नई दिल्ली, 25 मई 2026:*
नीट पेपर लीक मामले को लेकर सोमवार को एमसीडी सदन में आम आदमी पार्टी और भाजपा के बीच तीखा टकराव देखने को मिला। आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया कि भाजपा ने सदन में इस मुद्दे पर चर्चा से बचने के लिए जल्दबाजी में एजेंडा पास कर सदन स्थगित कर दिया। इसके विरोध में “आप” पार्षदों ने एमसीडी परिसर में प्रदर्शन करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की।
एमसीडी में नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में लगातार नीट परीक्षा के पेपर लीक हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि 2015, 2016, 2024 और अब 2026 में नीट पेपर लीक होना यह साबित करता है कि सरकार शिक्षा व्यवस्था को सुरक्षित रखने में पूरी तरह विफल रही है। उनका कहना था कि लाखों छात्र वर्षों तक मेहनत और लाखों रुपये खर्च कर डॉक्टर बनने का सपना देखते हैं, लेकिन पेपर लीक से उनका भविष्य बर्बाद हो रहा है।
अंकुश नारंग ने कहा कि कई राज्यों से छात्रों की आत्महत्या की खबरें सामने आ रही हैं, लेकिन केंद्र सरकार इस मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए है। उन्होंने आरोप लगाया कि पेपर लीक के पीछे भाजपा नेताओं और संगठित नेक्सेस की भूमिका है, जिसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि दोषियों के साथ-साथ इस नेटवर्क से जुड़े राजनीतिक लोगों पर भी कार्रवाई की जाए।
एमसीडी सह-प्रभारी प्रवीण कुमार ने कहा कि भाजपा शासन में पेपर लीक “धंधा” बन चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि सीबीआई जांच के बावजूद आरोपी बेल पर बाहर आकर फिर वही अपराध दोहराते हैं। उनके मुताबिक, सरकार के संरक्षण में “पकड़ो और छोड़ो” का खेल चल रहा है। उन्होंने कहा कि नीट पेपर लीक से परेशान होकर कई छात्र आत्महत्या कर चुके हैं, लेकिन सरकार संवेदनहीन बनी हुई है।
वहीं, एमसीडी सह-प्रभारी प्रीति डोगरा ने कहा कि कर्नाटक में एक छात्रा ने नीट पेपर लीक से आहत होकर आत्महत्या कर ली। उन्होंने सवाल उठाया कि जब लाखों बच्चों का भविष्य दांव पर लगा है तो प्रधानमंत्री और शिक्षा मंत्री इस मुद्दे पर जवाब क्यों नहीं दे रहे। उन्होंने कहा कि देशभर में आंदोलन हो रहे हैं, लेकिन सरकार जनता की समस्याओं से ध्यान हटाकर सिर्फ विदेश यात्राओं और प्रचार में व्यस्त है।
“आप” नेताओं ने मांग की कि नीट पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएं।












