October 17, 2026 11:09 pm

भारतीय ग्रामीण पत्रकार संघ ट्रस्ट

भारतीय ग्रामीण
पत्रकार संघ ट्रस्ट

अपमान, संघर्ष और इतिहास रचने वाले लोग। डॉ. विक्रम चौरसिया मैत्रेय

“बीज से अंकुर तभी फूटता है जब वह स्वयं फटता है। संघर्ष और कठिनाइयाँ उसे नष्ट नहीं करतीं, बल्कि एक विशाल वृक्ष बनने की दिशा में आगे बढ़ाती हैं। मनुष्य का जीवन भी कुछ ऐसा ही है।”
इतिहास गवाह है कि महानता का मार्ग कभी आसान नहीं रहा। डॉ. भीमराव अम्बेडकर ने सामाजिक भेदभाव सहा, सावित्रीबाई फुले ने विरोध का सामना किया, महात्मा गांधी ने नस्लीय अपमान झेला, नेल्सन मंडेला ने 27 वर्ष जेल में बिताए और डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम ने अभावों के बीच अपने सपनों को जीवित रखा। इन सभी की परिस्थितियाँ अलग थीं, लेकिन उनकी सफलता का आधार एक ही था संघर्ष, धैर्य और आत्मविश्वास।
जब कोई व्यक्ति आगे बढ़ने का प्रयास करता है, तो उसे सहयोग देने वाले भी मिलते हैं और उसका मार्ग रोकने वाले भी। ईर्ष्या, संकीर्णता और नकारात्मक सोच हर युग में रही है। लेकिन इतिहास बताता है कि दूसरों को रोकने वाले लोग भुला दिए जाते हैं, जबकि कठिनाइयों से लड़ने वाले लोग प्रेरणा बन जाते हैं।
आज भी अनेक परिवार सीमित संसाधनों के बावजूद अपने बच्चों को शिक्षित करने के लिए दिन-रात मेहनत करते हैं। अनेक युवा आर्थिक कठिनाइयों के बीच पढ़ाई जारी रखते हैं, छोटे-मोटे कार्य करते हैं और अपने सपनों को साकार करने के लिए संघर्ष करते हैं। दुर्भाग्य से कई बार उन्हें सामाजिक ईर्ष्या, झूठे आरोपों, अफवाहों और मानसिक दबाव का सामना भी करना पड़ता है। ऐसी परिस्थितियाँ किसी भी युवा के आत्मविश्वास को चोट पहुँचा सकती हैं।समाज की जिम्मेदारी है कि वह संघर्षशील और प्रतिभाशाली युवाओं का मनोबल बढ़ाए। किसी भी राष्ट्र की वास्तविक प्रगति तब होती है जब प्रतिभा, परिश्रम और ईमानदारी को सम्मान मिलता है तथा युवाओं को आगे बढ़ने का निष्पक्ष अवसर प्राप्त होता है।जीवन में यदि अपमान मिले तो उसे अपनी शक्ति बनाइए। यदि असफलता मिले तो उसे अनुभव मानकर आगे बढ़िए। यदि लोग आपका मजाक उड़ाएँ तो याद रखिए कि वही लोग एक दिन आपकी सफलता की चर्चा भी करेंगे।
याद रखिए संघर्ष से भागने वाले भीड़ का हिस्सा बन जाते हैं, लेकिन संघर्ष को गले लगाने वाले इतिहास का हिस्सा बन जाते हैं।
यदि आज जीवन आपको परख रहा है, तो निराश मत होइए। हो सकता है कि यही संघर्ष आपके भीतर उस व्यक्तित्व को गढ़ रहा हो, जो भविष्य में दूसरों के लिए प्रेरणा बनेगा। क्योंकि इतिहास उन्हीं का लिखा जाता है, जो परिस्थितियों से हारते नहीं, बल्कि उन्हें हराकर आगे बढ़ते हैं।
चिंतक/मेंटर/एक्टिविस्ट/ दिल्ली विश्वविद्यालय

Leave a Comment

और पढ़ें

Cricket Live Score

Corona Virus

Rashifal

और पढ़ें