माणक लाल जैन झाबुआ (थांदला) :
SDOP श्री राजेश सुल्या, TI (थाना प्रभारी) श्री अशोक कनेश, Coordinator श्री नितिन डामर ने बच्चों को सिखाए साइबर सुरक्षा के गुर
थांदला (झाबुआ)
मंडी रोड स्थित संस्कार पब्लिक स्कूल, कांकरिया परिसर में आज छात्रों के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण ‘साइबर सुरक्षा जागरूकता’ सत्र का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में SDOP श्री राजेश सुल्या, TI (थाना प्रभारी) श्री अशोक कनेश और Coordinator (समन्वयक) श्री नितिन डामर विशेष रूप से उपस्थित रहे। पुलिस अधिकारियों ने बच्चों को इंटरनेट की दुनिया के खतरों से आगाह करते हुए सुरक्षित रहने के लिए कहा।
’डिजिटल अरेस्ट’ सिर्फ एक ढोंग है, डरें नहीं:
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए SDOP श्री राजेश सुल्या ने हाल ही में बढ़ रहे ‘डिजिटल अरेस्ट’ के मामलों पर बच्चों का मार्गदर्शन किया। उन्होंने बच्चों को साफ़ शब्दों में समझाया: कानून में ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसी कोई व्यवस्था नहीं है। कोई भी पुलिस या जांच एजेंसी वीडियो कॉल के जरिए किसी को न तो गिरफ्तार कर सकती है और न ही डराकर पैसे वसूल सकती है। यदि कोई आपको डिजिटल अरेस्ट की धमकी दे, तो घबराएं नहीं, बल्कि तुरंत अपने माता-पिता या पुलिस को सूचित करें।
पैसे वाले ऑनलाइन गेम्स से रहें दूर:
थाना प्रभारी (TI) श्री अशोक कनेश ने बच्चों को आजकल के दौर में गेमिंग के नाम पर होने वाली धोखाधड़ी के प्रति सचेत किया। उन्होंने कहा कि पैसे जीतने या दांव लगाने वाले ऑनलाइन गेम्स से बच्चों को पूरी तरह दूर रहना चाहिए। ये गेम्स न केवल समय की बर्बादी हैं, बल्कि बच्चों को भारी आर्थिक और मानसिक नुकसान में धकेल देते हैं।
Coordinator श्री नितिन डामर ने भी साइबर क्राइम हेल्पलाइन की जानकारी दी
कार्यक्रम के समन्वयक श्री नितिन डामर ने छात्रों को सुरक्षित इंटरनेट उपयोग के नियम बताते हुए कहा कि अपनी व्यक्तिगत जानकारी, फोटो या पासवर्ड किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें। उन्होंने किसी भी प्रकार के साइबर फ्रॉड होने पर तुरंत भारत सरकार के साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराने की बात कही।
कार्यक्रम के अंत में संस्कार पब्लिक स्कूल प्रबंधन व शिक्षकों ने पुलिस टीम का आभार व्यक्त किया। इस ज्ञानवर्धक सत्र से स्कूल के बच्चे काफी जागरूक नजर आए और उन्होंने पुलिस अधिकारियों की बातों को अमल में लाने का संकल्प लिया।












