अपराधियों ने एक स्थानीय बिल्डर के साथ मिलकर साजिश रची और पहाड़गंज के एक होटल में बैठकर योजना बनाई।
पुलिस ने इलाके में डर फैलाने की अपराधियों की कोशिश को नाकाम कर दिया।
मुख्य आरोपी को गोलीबारी के बाद पकड़ा गया।
एक और मुख्य साजिशकर्ता और गौतम बुद्ध नगर, यूपी के इकोटेक-1 पुलिस स्टेशन के हिस्ट्री-शीटर को कोलकाता से गिरफ्तार किया गया।
साजिश में शामिल स्थानीय बिल्डर/होटल मालिक समेत अब तक पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
मुख्य बातें
हाई-प्रोफाइल रंगदारी और फायरिंग के मामले में शामिल अंतर-राज्यीय रंगदारी गिरोह का पर्दाफाश।
मुख्य आरोपी और शूटर पवन कुमार उर्फ पवन पहलवान को आईपी एस्टेट के कब्रिस्तान के पास सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट के स्पेशल स्टाफ के साथ गोलीबारी के बाद पकड़ा गया।
आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने की कोशिश करते हुए पुलिस पार्टी पर गोली चलाई। पुलिस ने कानून के तहत आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें आरोपी के दोनों पैरों में गोली लगी और उसे तुरंत इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।
मुख्य साजिशकर्ता शक्ति सिंह को नबी करीम पुलिस स्टेशन और सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट के स्पेशल स्टाफ की संयुक्त टीम ने कोलकाता से पकड़ा। सक्षम अदालत से ट्रांजिट रिमांड हासिल की गई।
इससे पहले, आरोपी विशाल भाटी उर्फ भांजा को गिरफ्तार किया गया था, जिससे बड़ी आपराधिक साजिश का खुलासा हुआ।
जांच से पता चला है कि स्थानीय बिल्डर/होटल मालिक पवन कुमार उर्फ पवन चेटली और उनके सहयोगी राजेश सचदेवा उर्फ सोनू मोटा साजिश को अंजाम देने में शामिल थे।
जांच से पता चला कि यह अपराध एक सोची-समझी आपराधिक साजिश का नतीजा था, जिसमें स्थानीय मददगारों के साथ मिलकर काम करने वाला अंतर-राज्यीय रंगदारी गिरोह शामिल था।
इस मामले को सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण, तकनीकी निगरानी, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) के विश्लेषण, होटल के रिकॉर्ड, इलेक्ट्रॉनिक सबूत और ह्यूमन इंटेलिजेंस (खुफिया जानकारी) के जरिए बारीकी से जांच करके सुलझाया गया।
जांच से पता चला कि यह अपराध एक सुनियोजित आपराधिक साजिश के तहत किया गया था। घटना का विवरण
29.06.2026 को नबी करीम पुलिस स्टेशन में जबरन वसूली और फायरिंग की एक घटना की सूचना मिली। शिकायतकर्ता महेश चंद, जो एक प्राइवेट बिल्डर हैं, ने आरोप लगाया कि एक हथियारबंद व्यक्ति दिल्ली के पहाड़गंज इलाके के आर्य नगर में स्थित उनके ऑफिस में आया और 30 लाख रुपये की रंगदारी (जबरन वसूली) की मांग की, जिसमें से 5 लाख रुपये तुरंत देने को कहा। आरोपी ने धमकी दी कि अगर मना किया गया, तो उसके साथी भी इलाके में मौजूद हैं और बस उसके इशारे का इंतज़ार कर रहे हैं।
रंगदारी की रकम देने से इनकार करने पर, आरोपी ने शिकायतकर्ता की जान लेने की नीयत से उन पर गोली चलाई और मौके से भाग गया।
इसके बाद, नबी करीम पुलिस स्टेशन में BNS की धाराओं 308(4)/109(1)/333/61(2) और आर्म्स एक्ट की धाराओं 25/27 के तहत FIR नंबर 297/2026 दर्ज की गई और तुरंत जांच शुरू कर दी गई।
अपराध की गंभीरता को देखते हुए, घटना की तह तक जाने, तकनीकी सबूतों का विश्लेषण करके साजिश रचने वालों की पहचान करने और फरार आरोपियों का पता लगाकर उन्हें पकड़ने के लिए पहाड़गंज के ACP श्री सौरभ नरेंद्र (IPS) की सीधी देखरेख में कई खास टीमें बनाई गईं। इन टीमों में नबी करीम पुलिस स्टेशन और सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट के स्पेशल स्टाफ के समर्पित और ईमानदार अधिकारी शामिल थे।












