सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल से गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में तत्काल शिफ्ट करने का आदेश दिया
अनिल कुमार गुप्ता दिल्ली
दिल्ली हाई कोर्ट ने सामाजिक कार्यकर्ता और पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल से गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में तत्काल शिफ्ट करने का आदेश दिया है। अदालत ने कहा कि उनकी स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए लगातार विशेषज्ञ निगरानी आवश्यक है और मरीज को अपनी पसंद के अस्पताल में इलाज कराने का अधिकार भी है।
अदालत ने सुनवाई के दौरान एम्स और सफदरजंग अस्पताल के डॉक्टरों की मेडिकल रिपोर्ट पर विचार किया। इसके बाद पीठ ने पाया कि वांगचुक की हालत में निरंतर चिकित्सकीय निगरानी जरूरी है। केंद्र सरकार की ओर से भी उनके मेदांता स्थानांतरण पर कोई आपत्ति नहीं जताई गई।
यह आदेश वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंगमो की याचिका पर आया, जिसमें उन्होंने उन्हें निजी अस्पताल में स्थानांतरित करने की अनुमति मांगी थी। अदालत ने मेदांता में विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम गठित कर उनके उपचार और स्वास्थ्य की नियमित निगरानी करने के भी निर्देश दिए।












