घूमरिया ने समरावता गांव प्रकरण की भी पुलिस द्वारा पुन: निष्पक्ष जांच कराने के लिए भी ज्ञापन सौपा
वन रक्षक नीतू मीना व थानागाजी रेन्जर विवाद प्रकरण मे थानागाजी एसएचओ को सस्पेंड कराने की मांग रखी
नीतू मीना प्रकरण की निष्पक्ष , पारदर्शिता से जांच कराने की भी मांग रखी
रैणी(अलवर)महेश चन्द मीना,
शुक्रवार 20 जून 2025 को के सी घुमरिया के नेतृत्व में अखिल भारतीय आदिवासी विकास परिषद की टीम ने पुलिस महानिदेशक रवि प्रकाश मेहरड़ा से मुलाकात की और साफा और शाल ओढ़ा कर मेहरड़ा का स्वागत अभिनंदन किया ।
के .सी. घुमरिया ने समरावता प्रकरण में पुलिस द्वारा निष्पक्ष कारवाही करवाने के लिए पुनः ज्ञापन दिया ।
घुमरिया ने विस्तार से समरावता प्रकरण की जानकारी देते हुए राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की रिपोर्ट की एक प्रति पुलिस महानिदेशक को दी और आयोग की रिपोर्ट पर तुरंत संज्ञान लेने का निवेदन किया ।
घुमरिया ने कहा कि इस मामले में आयोग ने पुलिस और प्रशासन को प्रथम दृष्टया दोषी माना है।
दोषी लोगों के खिलाफ एट्रोसिटी एक्ट के अंतर्गत केस दर्ज होना चाहिए। समरावता के लोगों द्वारा दाखिल 27 इस्तगासे पर केस दर्ज होना चाहिए। निर्दोष लोगों को क्षतिपूर्ति की राशि मिलनी चाहिए जिसकी लिस्ट साथ में लगाई गई मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और निर्दोष लोगों के लगाए गए केस वापस लेने चाहिए। आयोग की अन्य निर्देशो की भी पालन कि जाना चाहिए।
राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं भ्रष्टाचार निवारण भारत संगठन की लेटरपेड पर प्रदेश अध्यक्ष धनपाल मीना ने पुलिस महानिदेशक को वन रक्षक नीतु मीना व थानागाजी रेन्जर विवाद प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने के लिए लिखित निवेदन किया है और थानागाजी एसएचओ को इस प्रकरण मे पारदर्शिता से जांच कराने के लिए भी लिखा है ।
प्रदेश अध्यक्ष धनपाल मीना ने बताया कि इस मौके पर नीतू मीना वन रक्षक के परिजन भी मौजूद रहे और सभी ने मिलकर नीतु मीना को न्याय दिलाने की अपील की।
मिडिया को यह सारी जानकारी राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं भ्रष्टाचार निवारण भारत संगठन के प्रदेश अध्यक्ष धनपाल मीना के द्वारा दी गई है।











