December 14, 2025 9:48 pm

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संविधान दिवस पर “आप” ने स्कूल ऑफ एक्सीलेंस से सीएम श्री का बोर्ड हटा कर वापस डॉ. अंबेडकर का लगाया

संविधान दिवस पर “आप” ने स्कूल ऑफ एक्सीलेंस से सीएम श्री का बोर्ड हटा कर वापस डॉ. अंबेडकर का लगाया

– विधायक कुलदीप कुमार के नेतृत्व में “आप” कार्यकर्ताओं ने डॉ. अंबेडकर स्कूल ऑफ एक्सीलेंस का नाम सीएम श्री करने पर भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की

– भाजपा सरकार ने एक्सीलेंस स्कूलों का नाम बदल सीएम श्री कर दिया था, “आप” ने वापस बाबा साहब का नाम लगा दिया- सौरभ भारद्वाज

– केजरीवाल सरकार ने बाबा साहब के नाम पर 69 स्कूल ऑफ स्पेशलाइज्ड एक्सीलेंस स्थापित कर उनको सम्मान दिया- कुलदीप कुमार

– दलित विरोधी भाजपा ने सत्ता में आते ही सरकारी दफ्तरों से बाबा साहब की तस्वीरें हटाई और अब स्कूलों से उनका नाम मिटाने की कोशिश कर रही – कुलदीप कुमार

– भाजपा सरकार बाबा साहब का अपमान करना बंद करे, देश का दलित समाज इसे बर्दाश्त नहीं करेगा – कुलदीप कुमार

नई दिल्ली, 26 नवंबर 2025

आम आदमी पार्टी ने अपने ऐलान के मुताबिक संविधान दिवस के अवसर पर भाजपा सरकार द्वारा स्कूल ऑफ एक्सीलेंस पर सीएम श्री का लगाया गया बोर्ड हटा दिया और उसकी जगह एक बार फिर बाबा साहब डॉ. बीआर अंबेडकर का बोर्ड लगा दिया। कोंडली से पार्टी के विधायक कुलदीप कुमार के नेतृत्व में कार्यकर्ता खिचड़ीपुर स्थित स्कूल ऑफ एक्सीलेंस पहुंचे, जहां उन्होंने भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया। “आप” के दिल्ली प्रदेश संयोजक सौरभ भारद्वाज ने कहा कि दिल्ली की भाजपा सरकार ने बाबा साहब अंबेडकर के नाम पर स्कूलों का नाम बदलकर मुख्यमंत्री के नाम पर कर दिया था। बुधवार को संविधान दिवस पर आम आदमी पार्टी के विधायक साथी कुलदीप कुमार ने वापस बाबा साहिब का नाम लगा दिया।

इस दौरान कुलदीप कुमार ने कहा कि अरविंद केजरीवाल सरकार द्वारा गरीब बच्चों के उत्थान के लिए बनाए गए स्कूल ऑफ स्पेशलाइज्ड एक्सीलेंस का नाम बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के नाम पर रखा गया था। इनमें गरीब परिवारों के बच्चे पढ़कर आईएएस, आईपीएस, डॉक्टर और इंजीनियर बन रहे थे। इन स्कूलों का नाम “डॉ. बी.आर. अंबेडकर स्कूल ऑफ स्पेशलाइज्ड एक्सीलेंस” था।

कुलदीप कुमार ने बताया कि दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सत्ता में आते ही बाबा साहब अंबेडकर के साथ बेहद गंभीर गुस्ताखी करते हुए इन स्कूलों का नाम बदलकर “सीएम श्री स्कूल ऑफ स्पेशलाइज्ड एक्सीलेंस” कर दिया। क्या दिल्ली की मुख्यमंत्री स्वयं को बाबा साहब अंबेडकर के बराबर समझने की कोशिश कर रही हैं? पूरी भाजपा मिलकर भी बाबा साहब अंबेडकर की पैर की धूल के बराबर नहीं है, फिर भी ये लोग उनके नाम को मिटाने का कार्य कर रहे हैं।

कुलदीप कुमार ने बताया कि आम आदमी पार्टी ने पहले ही मुख्यमंत्री को चेतावनी दी थी कि इतनी बड़ी गलती न करें जिसकी सजा भी भुगतनी पड़े, लेकिन मुख्यमंत्री नहीं मानीं। उन्होंने कहा कि आज आम आदमी पार्टी ने फिर से उन स्कूलों का नाम वापस बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के नाम पर रखने का कार्य किया है। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि वे जाग जाएं और बाबा साहब अंबेडकर का अपमान बंद करें। उन्होंने इसे बाबा साहब के साथ-साथ पूरे दलित समाज का सबसे बड़ा अपमान बताया।

कुलदीप कुमार ने पूरे दलित समाज से अपील की कि वे इस सरकार के खिलाफ एकजुट होकर खड़े हों। यह सरकार दलित समाज की भावनाओं का इम्तिहान ले रही है और बाबा साहब का अपमान किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह कोई सामान्य राजनीतिक लड़ाई नहीं है। अगर कोई बाबा साहब अंबेडकर का नाम मिटाने की कोशिश करेगा तो आम आदमी पार्टी उसे कभी माफ नहीं करेगी।

कुलदीप कुमार ने बताया कि अरविंद केजरीवाल सरकार ने कुल 69 स्कूलों का नाम “डॉ. बी.आर. अंबेडकर स्कूल ऑफ स्पेशलाइज्ड एक्सीलेंस” रखा था। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक ही आदेश से तुरंत प्रभाव से इन सभी का नाम बदलकर “सीएम श्री स्कूल ऑफ स्पेशलाइज्ड एक्सीलेंस” कर दिया। इन्हीं मुख्यमंत्री ने सत्ता संभालते ही सबसे पहले अपने कार्यालय और मंत्रियों के कार्यालयों से बाबा साहब अंबेडकर की तस्वीरें हटवाने का काम किया था। रेखा गुप्ता अंबेडकर-विरोधी और दलित-विरोधी मुख्यमंत्री हैं। इस तरह की राजनीति से दिल्ली में भाजपा की कुर्सी ज्यादा दिन नहीं टिकेगी।

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