दिल्ली के आउटर नॉर्थ जिले में हुए दिल दहला देने वाले चौगुना हत्याकांड का पुलिस ने महज़ 72 घंटे में पर्दाफाश कर दिया है। 30 वर्षीय महिला और उसकी तीन मासूम बेटियों की गला रेतकर हत्या के मामले में फरार पति को राजस्थान के किशनगढ़ से गिरफ्तार कर लिया गया
क्या था मामला?
25 फरवरी 2026 की सुबह चंदन पार्क, सिरसपुर स्थित एक मकान से पीसीआर कॉल मिली। सूचना मिलते ही थाना Samaypur Badli Police Station की टीम मौके पर पहुंची, जहां एक कमरे के घर के अंदर 30 वर्षीय अनीता और उसकी तीन बेटियां (उम्र 3, 4 और 5 वर्ष) मृत पाई गईं। चारों के गले किसी तेजधार हथियार से रेते गए थे।
घटना के बाद से ही मृतका का पति मुंचुन केवट उर्फ आशीष (42), जो Azadpur Mandi में सब्जी बेचता था, मौके से फरार था और मुख्य आरोपी बन गया। इस संबंध में एफआईआर नंबर 146/2026 धारा 103(1) बीएनएस के तहत दर्ज की गई।
72 घंटे का ऑपरेशन: कई राज्यों में तलाश
मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष टीम गठित की गई। जांच के दौरान 800 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई और फेस रिकग्निशन सिस्टम (FRS) तकनीक का इस्तेमाल किया गया। दिल्ली से लेकर बिहार, तमिलनाडु और राजस्थान तक अलग-अलग टीमें रवाना की गईं।
तकनीकी सर्विलांस और जमीनी इनपुट के आधार पर आरोपी की लोकेशन ट्रेस करते हुए उसे राजस्थान के किशनगढ़ में दबोच लिया गया।
पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा
प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने बताया कि वह भारी कर्ज में डूबा हुआ था और पारिवारिक कलह चल रही थी। ऑनलाइन और ऑफलाइन जुए की लत के कारण उसने बड़ी रकम गंवाई थी। हाल ही में ससुराल पक्ष से दो लाख रुपये उधार लिए थे, जिसमें से 60 हजार कर्ज चुकाने, 40 हजार अदरक कारोबारी को देने और एक लाख रुपये सट्टेबाजी में हार गया।
23 फरवरी को मिथिलेश नामक व्यक्ति से पैसों को लेकर कहासुनी हुई। कथित तौर पर मिथिलेश ने उसकी पत्नी और बच्चों को अपने पास रखकर काम कराने की धमकी दी, जिससे आरोपी आक्रोशित हो गया। उसी दिन उसने मंडी से 90 रुपये में एक चाकू खरीदा और घर में छिपा दिया।
24 फरवरी की रात पत्नी से फिर विवाद हुआ। 25 फरवरी तड़के करीब 4 बजे उसने सो रही पत्नी का गला रेत दिया। शोर सुनकर जागी बड़ी बेटी को भी मार डाला और फिर अन्य दो बेटियों की हत्या कर दी। हत्या के बाद वह फरार हो गया।
आरोपी का आपराधिक वर्क प्रोफाइल
मुंचुन केवट मूल रूप से बिहार के पटना जिले का रहने वाला है। वह पहले 2025 में थाना आदर्श नगर में चोरी/चोरी की संपत्ति के मामले में भी संलिप्त पाया गया था। वह चेन्नई के पास पनपक्कम क्षेत्र में दो वर्ष तक निजी ठेकेदार के तहत चावल की बोरियां ढोने का काम कर चुका है। लॉकडाउन के बाद अजमेर में भी मजदूरी कर चुका है।
आगे की कार्रवाई
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है और वह फिलहाल पुलिस हिरासत में है। वारदात में प्रयुक्त हथियार की बरामदगी और अन्य पहलुओं की जांच जारी है।
दिल्ली पुलिस के अधिकारियों ने कहा कि विभिन्न इकाइयों के बीच त्वरित समन्वय और आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से आरोपी को कानून के शिकंजे में लाया जा सका।
यह घटना पूरे इलाके में दहशत और शोक का माहौल छोड़ गई है।












