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एमसीडी की स्टैंडिंग कमेटी को भंग कर भाजपा ने की लोकतंत्र की हत्या- अंकुश नारंग

 

– वित्तीय मामलों के फैसले स्टैंडिंग कमेटी लेती है, जो अब मुख्यमंत्री के कहने पर अकेले एमसीडी कमिश्नर ले रहे- अंकुश नारंग

– भाजपा ने पार्षदों की ताकत कम करने के लिए साजिश के तहत कमिश्नर को 50 करोड़ का वित्तीय अधिकार दिया- अंकुश नारंग

– भाजपा जल्द से जल्द स्टैंडिंग कमेटी की बैठाक बुलाए, ताकि जनता से जुड़े महत्वपूर्ण एजेंडे पास किए जा सकें- प्रवीण कुमार

नई दिल्ली, 10 अप्रैल 2023

आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और एमसीडी में नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने एमसीडी की स्टैंडिंग कमेटी को भंग करने पर भाजपा पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने ऐसा करके लोकतंत्र की हत्या की है। क्योंकि वित्तीय मामलों के सभी फैसले स्टैंडिंग कमेटी लेती है, जो अब मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के कहने पर अकेले एमसीडी के कमिश्नर ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्टैंडिंग कमेटी को भंग करने से स्पष्ट हो गया है कि भाजपा ने एक सुनियोजित साजिश के तहत पार्षदों की ताकत कम करने के लिए ही एमसीडी कमिश्नर को 50 करोड़ रुपए तक का वित्तीय अधिकार दिया है।

अंकुश नारंग ने कहा कि जब कोई कमिटी बनती है तो वह एक वर्ष के लिए बनती है। पहले ही भाजपा के कारण स्टैंडिंग कमिटी 2.5 वर्ष तक नहीं बन पाई थी। जिसके लिए भाजपा बड़ी चिल्लाती थी। भाजपा कहती थी कि स्टैंडिंग कमिटी के अंदर सारे वित्तीय फैसले होते हैं। लेकिन अब वही भाजपा का दोहरा चेहरा सामने आ रहा है। 12 जून 2025 को स्टैंडिंग कमिटी बननी थी। और उसका कार्यकाल 11 जून 2026 तक था। एमसीडी के सभी राजस्व, वित्तीय के मामले स्टैंडिंग कमिटी में आते है। साथ ही लेआउट प्लान भी स्टैंडिंग कमिटी में आते है और स्टैंडिंग कमिटी पास करती है।

अंकुश नारंग ने कहा कि अगर स्टैंडिंग कमिटी ही नहीं होगी तो सभी वित्तीय मामले सीधे एमसीडी के सदन में जाएंगे या फिर एमसीडी कमिश्नर ले लेंगे, क्योंकि भाजपा ने कमिश्नर की वित्तीय शक्ति बढ़ाकर 50 करोड़ रुपए कर दी है। इसका मतलब ये है कि सीएम रेखा गुप्ता ने एमसीडी को भंग करने का पूरा मन बना लिया है और उनके हिसाब से ही एमसीडी को भंग किया जा रहा है। सीएम रेखा गुप्ता ही सारे राजस्व के मामले एमसीडी कमिश्नर के जरिए खुद देख रही हैं जो बिल्कुल गलत है। क्योंकि ऐसा करने से पार्षदों की शक्तियां खत्म की जा रही है और लोकतंत्र के ऊपर यह बहुत बड़ा प्रहार है। यह लोकतंत्र की हत्या है कि जो फैसले 18 सदस्यीय स्टैंडिंग कमिटी को लेने थे, अब वो सभी फैसले सीएम के कहने पर अकेले कमिश्नर ले रहे हैं।

उधर, एमसीडी में सह प्रभारी प्रवीण कुमार ने कहा कि भाजपा ने स्टैंडिंग कमिटी को 31 मार्च के बाद से स्थगित कर दिया है। अब कोई भी स्टैंडिंग कमिटी की मीटिंग नई स्टैंडिंग कमिटी के बनने तक नहीं हो पाएगी। जब स्टैंडिंग कमेटी का कार्यकाल 12 जून तक था तो उसे भंग नहीं करना चाहिए था और 12 जून तक मीटिंग होनी चाहिए थी। लेकिन असलियत में स्टैंडिंग कमिटी की मीटिंग हो रही है लेकिन यह मीटिंग सीएम रेखा गुप्ता के यहां हो रही है। सीएम रेखा गुप्ता एमसीडी कमिश्नर और अन्य अधिकारियों को बुलाकर बैक डोर से स्टैंडिंग कमिटी चलाना चाह रही हैं।

प्रवीण कुमार ने कहा कि रेखा गुप्ता मुख्यमंत्री बन चुकी है लेकिन अभी तक उनका पार्षद का मोह खत्म नहीं हुआ है। उन्हें समझना पड़ेगा कि पार्षद के अलग काम होते हैं और मुख्यमंत्री के अलग काम होते हैं। स्टैंडिंग कमिटी चलाने का दायित्व पार्षदों का है और पार्षदों को स्टैंडिंग कमिटी चलाने दी जाए। भाजपा की आपस की खींचतान के कारण दिल्ली की जनता का नुकसान ना हो, ये बात भाजपा को समझनी पड़ेगी। हम मांग करते हैं कि स्टैंडिंग कमिटी की बैठक बुलाई जाए और दिल्ली के महत्वपूर्ण एजेंडा पास किए जाएं।

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