द्रोणाचार्य राजकीय महाविद्यालय में भव्य दीक्षांत समारोह संपन्न
मुख्य संवाददाता
गुरुग्राम। द्रोणाचार्य राजकीय महाविद्यालय में वार्षिक दीक्षांत समारोह बड़े ही भव्य और गरिमामय वातावरण में आयोजित किया गया। इस अवसर पर लगभग 1500 स्नातक, स्नातकोत्तर एवं पीजीडीसीए के विद्यार्थियों को उपाधियाँ प्रदान की गईं। कार्यक्रम का सफल संचालन महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. पुष्पा अंतिल के मार्गदर्शन में संकाय सदस्यों एवं कर्मचारियों द्वारा किया गया।
समारोह की शुरुआत पारंपरिक दीप प्रज्वलन और शैक्षणिक शोभा यात्रा के साथ हुई। मंच संचालन डॉ. अंजना और डॉ. पूजा ने प्रभावी ढंग से किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि गुरुग्राम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) संजय कौशिक रहे। अपने संबोधन में उन्होंने विद्यार्थियों को सकारात्मक सोच और परिश्रम के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि आज के विद्यार्थी ही भविष्य के निर्माणकर्ता हैं। इस अवसर पर विश्वविद्यालय की डीन अकादमिक डॉ. नीरा वर्मा भी विशेष रूप से उपस्थित रहीं।
समारोह में सेवानिवृत्त प्राचार्यों एवं वरिष्ठ संकाय सदस्यों की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम को और भी प्रेरणादायक बना दिया। उपाधि वितरण की प्रक्रिया सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुई, जिसमें डॉ. प्रवीण फोगाट, डॉ. मनीषा राणा और डॉ. सुनील डबास ने विद्यार्थियों को क्रमबद्ध रूप से मंच तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वहीं, डॉ. तरुण लता ने संपूर्ण पंक्ति व्यवस्था का कुशल संचालन किया।
कार्यक्रम के दौरान इको क्लब की संयोजक डॉ. पूजा सिंह और डॉ. मनीषा सैनी के नेतृत्व में कॉलेज परिसर में नए ग्रीन कॉर्नर का उद्घाटन किया गया। साथ ही कॉलेज पोर्च के जीर्णोद्धार कार्य का भी लोकार्पण किया गया, जिसमें डिजिटल द्रोणा टीम एवं कर्मचारियों का सराहनीय योगदान रहा।
इस अवसर पर कॉलेज की प्लेटिनम जुबली पत्रिका ‘क्षितिज’ के विशेषांक का विमोचन मुख्य अतिथि द्वारा किया गया, जो समारोह का मुख्य आकर्षण रहा। विभिन्न संकायों के मेधावी विद्यार्थियों को पदक एवं उत्कृष्टता प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने समारोह में उत्साह और रंग भर दिया।
अंत में प्राचार्या डॉ. पुष्पा अंतिल ने विद्यार्थियों को आशीर्वाद देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम का समापन वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. प्रवीण फोगाट के धन्यवाद ज्ञापन एवं राष्ट्रगान के साथ हुआ। इस अवसर पर बड़ी संख्या में पूर्व प्राध्यापक एवं प्राचार्य भी उपस्थित रहे, जिन्होंने समारोह की शोभा बढ़ाई।












