बरसती आग और विद्युत कटौती से जनजीवन बेहाल
कमासिन, बांदा। एक तरफ आसमान से बरस रही आग की लपटों से आम जनजीवन तो क्या पशु-पक्षी भी झुलस रहे हैं लोग 9:00 से शाम 5:00 बजे तक घरों के अंदर डुबके रहते हैं लेकिन वहां भी राहत नहीं मिल पा रही है अंदर रखे तखत, चारपाई तथा मौजूद कपड़े तवा जैसे गर्म होने के कारण बचाव के लिए चद्दर, दरी आदि में पानी छिड़कते हैक्योंकि कूलर और पंखे भी गर्म हवा फेंक रहे हैं इसके अलावा जिनके मकान खपरैल के हैं वे कुछ राहत महसूस कर रहे हैं क्योंकि कच्चे मकान के दरवाजे दोनों तरफ से बंद कर देने के बाद पंखा या कूलर चलाने पर गर्मी से भरपूर राहत मिल रही है।
लेकिन रात की विद्युत कटौती से लोगों को रात भर रतजगा करना पड़ रहा है एक तरफ मच्छरों का आतंक तो दूसरी तरफ उमस भरी गर्मी के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
कस्बा निवासी मनोज कुमार द्विवेदी, बबलू तिवारी , हिम्मत सिंह, राममिलन, चुनवाद, संतोष कुमार आदि ने बताया है कि अघोषित विद्युत कटौती कोढ में खाज का काम कर रही है एक तरफ अवां की तरह धरती धधक रही है तो दूसरी तरफ विद्युत कटौती ने जनजीवन को भारी मुसीबत में डाल दिया है क्योंकि रात में चार-चार घंटे तक अघोषित विद्युत कटौती की जा रही है यही हाल कस्बे के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों का है।
उक्त ग्राम वासियों ने रात में विद्युत कटौती न किए जाने की मांग की है।












