आधी रात को खुली कौशाम्बी में अपराधियों की ‘कुंडली
एसपी ने मांगा थानेदारों से हिसाब माफिया,हिस्ट्रीशीटर और वारंटियों पर सख्त कार्यवाही के संकेत
कौशाम्बी। पुलिस कार्यालय के दुर्गाभाभी सभागार में गुरुवार रात उस वक्त जिले की सबसे महत्वपूर्ण जगह बन गई जब पुलिस अधीक्षक सत्यनारायण ने जिले भर के पुलिस अधिकारियों के साथ अपराध और कानून-व्यवस्था पर लंबी समीक्षा बैठक की। रात के सन्नाटे में चली इस बैठक का स्वर सामान्य नहीं था, बल्कि उसमें अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की स्पष्ट चेतावनी और जवाबदेही का संदेश छिपा था।सूत्रों के अनुसार समीक्षा के दौरान जिले के सक्रिय अपराधियों,गैंग संचालकों, हिस्ट्रीशीटरों और फरार अभियुक्तों की स्थिति बिंदुवार देखी गई। कई मामलों में प्रगति की जानकारी ली गई तो कई मामलों में कार्रवाई की रफ्तार बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि अपराध नियंत्रण केवल कागजी आंकड़ों का खेल नहीं,बल्कि जमीन पर दिखने वाला परिणाम होना चाहिए।
एसपी ने गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्यवाही को और धारदार बनाने पर जोर देते हुए कहा कि अपराध की कमाई से खड़ी की गई संपत्तियों पर कानून का हाथ पहुंचना चाहिए। अपराधियों के आर्थिक स्रोतों को खत्म किए बिना अपराध पर स्थायी नियंत्रण संभव नहीं है।बैठक में रात्रिकालीन गश्त, वाहन चेकिंग और संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी को लेकर भी गंभीर चर्चा हुई। चोरी, लूट और नकबजनी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए थाना स्तर पर विशेष रणनीति तैयार करने के निर्देश दिए गए। वहीं लंबित मामलों के जल्द और गुणवत्तापूर्ण खुलासे पर भी जोर दिया गया।गौकशी,पशु तस्करी और संगठित अपराध से जुड़े मामलों को लेकर पुलिस अधीक्षक ने खुफिया तंत्र को और सक्रिय करने की बात कही। महिला सुरक्षा, साइबर अपराध और वारंटियों की गिरफ्तारी जैसे मुद्दे भी बैठक के केंद्र में रहे।बैठक का सबसे अहम संदेश यह रहा कि अब केवल घटनाओं पर प्रतिक्रिया देने की बजाय अपराधियों की गतिविधियों पर पहले से नजर रखकर कार्रवाई की जाएगी। पुलिस महकमे के अधिकारियों को साफ निर्देश दिए गए कि कानून का भय अपराधियों में दिखाई देना चाहिए और आम जनता में सुरक्षा का विश्वास।देर रात समाप्त हुई इस समीक्षा बैठक के बाद यह संकेत साफ हैं कि आने वाले दिनों में कौशाम्बी में अपराधियों, माफियाओं और कानून व्यवस्था को चुनौती देने वालों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई और अधिक तेज, सुनियोजित और प्रभावी नजर आ सकती है। रात की इस बैठक ने बता दिया कि पुलिस अब अपराध की घटनाओं से ज्यादा अपराधियों की सोच और उनके नेटवर्क पर प्रहार करने की तैयारी में है।












