फिल्म ‘सतलुज’ पर प्रतिबंध से ऐतिहासिक तथ्यों को नहीं दबाया जा सकता : परमजीत सिंह ‘वीरजी’
नई दिल्ली, 14 जुलाई। शिरोमणि अकाली दल (दिल्ली इकाई) के प्रवक्ता एवं गुरबाणी रिसर्च फाउंडेशन के प्रतिनिधि परमजीत सिंह ‘वीरजी’ ने फिल्म ‘सतलुज’ पर लगाए गए प्रतिबंध पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि किसी फिल्म पर रोक लगाने से इतिहास के तथ्यों को छिपाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि यदि किसी विषय को लेकर मतभेद हैं तो उसका समाधान संवाद और तथ्यात्मक चर्चा से होना चाहिए, न कि प्रतिबंध लगाकर।
उन्होंने कहा कि यह फिल्म मानवाधिकार कार्यकर्ता शहीद जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन और उनके संघर्ष से प्रेरित बताई जा रही है। उनके अनुसार फिल्म उन घटनाओं को सामने लाने का प्रयास करती है जिन पर लंबे समय से चर्चा होती रही है और जिनसे जुड़े कई तथ्य सार्वजनिक रिकॉर्ड का हिस्सा रहे हैं।
परमजीत सिंह ‘वीरजी’ ने कहा कि यदि फिल्म में प्रस्तुत तथ्यों पर किसी पक्ष को आपत्ति है तो उसका उत्तर तथ्यों और कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से दिया जाना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि ऐतिहासिक घटनाओं पर आधारित विषयों को जनता तक पहुंचने से रोकने की आवश्यकता क्यों महसूस की जा रही है।
उन्होंने मांग की कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और ऐतिहासिक विषयों पर निष्पक्ष विमर्श के अधिकार का सम्मान किया जाए तथा जनता को स्वयं तथ्य जानने और अपनी राय बनाने का अवसर मिलना चाहिए।












