ऑपरेशन प्रहार: उत्तर-पश्चिमी दिल्ली में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 390 मोबाइल और 66 दोपहिया बरामद
अनिल कुमार गुप्ता दिल्ली
नई दिल्ली, 7 अगस्त: उत्तर-पश्चिमी जिला पुलिस ने सड़क अपराध, चोरी, झपटमारी और अवैध हथियारों के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन प्रहार के तहत 72 घंटे में बड़े स्तर पर कार्रवाई की। पुलिस के मुताबिक इस अभियान के दौरान अलग-अलग थाना क्षेत्रों में कार्रवाई करते हुए 390 चोरी/झपटमारी के मोबाइल फोन, 66 दोपहिया वाहन, 19 अवैध हथियार और 21 चाकू बरामद किए गए। इसके अलावा करीब 62 लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण और 65 हजार रुपये नकद भी बरामद किए गए।
पुलिस ने अभियान के दौरान 23 आरोपियों को गिरफ्तार/पकड़ा, जिनमें बदमाश, सेंधमार, चोरी का माल खरीदने वाले रिसीवर, बैड कैरेक्टर और पैरोल जंपर शामिल हैं। पुलिस की कार्रवाई से झपटमारी, चोरी, सेंधमारी, लूट और आर्म्स एक्ट से जुड़े कई मामलों का खुलासा हुआ।
एंटी-बर्गलरी सेल ने थाना सुभाष प्लेस के एक मामले को कुछ ही घंटों में सुलझाते हुए चोरी और झपटमारी के मोबाइल फोन खपाने वाले नेटवर्क का खुलासा किया। इस कार्रवाई में दो कथित सेंधमारों और तीन रिसीवरों को पकड़ा गया तथा 54 चोरी/झपटमारी के मोबाइल फोन बरामद किए गए। पुलिस के अनुसार इससे उत्तर-पश्चिमी जिले में दर्ज 22 मामलों को सुलझाने में मदद मिली। साथ ही करीब 12 लाख रुपये के आभूषण और 65 हजार रुपये नकद भी बरामद हुए।
थाना अशोक विहार पुलिस ने गश्त के दौरान दो कथित झपटमारों को पकड़ा। उनके कब्जे से देशी पिस्तौल, जिंदा कारतूस, चाकू, चोरी का मोबाइल फोन और चोरी की स्कूटी बरामद हुई। वहीं आदर्श नगर थाना पुलिस ने एक बैड कैरेक्टर को पकड़कर उसकी निशानदेही पर 5 चोरी के दोपहिया वाहन और 5 मोबाइल फोन बरामद किए।
इसके अलावा मुकरजी नगर थाना पुलिस ने दो बाल आरोपियों को पकड़कर दो चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद कीं। भारत नगर थाना क्षेत्र में भी एक सक्रिय बैड कैरेक्टर को पकड़ा गया, जिसके पास से देशी पिस्तौल और जिंदा कारतूस मिला। उसकी निशानदेही पर 7 चोरी/झपटमारी के मोबाइल फोन और 4 चोरी के दोपहिया वाहन बरामद किए गए।
उत्तर-पश्चिमी जिला पुलिस के मुताबिक ऑपरेशन प्रहार के तहत हुई कार्रवाई में कुल 390 मोबाइल फोन, 65 दोपहिया वाहन और एक चार पहिया वाहन, 19 अवैध हथियार, 21 चाकू तथा करीब 62 लाख रुपये के सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए गए हैं। पुलिस अब बरामद सामान के वास्तविक मालिकों की पहचान करने और इन्हें संबंधित एफआईआर से जोड़ने के लिए तकनीकी जांच कर रही है।












