October 17, 2026 5:08 pm

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बिहार में छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर कांग्रेस का सरकार पर हमला

बिहार में छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर कांग्रेस का सरकार पर हमला

 

सीवान में गोलीकांड से लेकर छात्रों की गिरफ्तारी तक उठाए सवाल, निष्पक्ष जांच की मांग

*अनिल कुमार गुप्ता दिल्ली*

नई दिल्ली/पटना। बिहार में छात्रों और युवाओं के आंदोलनों के दौरान कथित पुलिस हिंसा को लेकर कांग्रेस ने राज्य सरकार और केंद्र पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि सीवान समेत बिहार के कई जिलों में अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों और युवाओं के खिलाफ अत्यधिक बल प्रयोग किया गया। नेताओं ने सीवान में प्रदर्शन के दौरान AK-47 से गोली चलने और छात्रों के घायल होने के मामले को गंभीर बताते हुए जिम्मेदारी तय करने की मांग की।

 

कांग्रेस की ओर से बताया गया कि बिहार के छह जिलों में फैक्ट-फाइंडिंग टीमें भेजी गई थीं। टीमों ने छात्रों, युवाओं, प्रशासन, पुलिस और स्थानीय लोगों से बातचीत कर घटनाओं की जानकारी जुटाई। सीवान में टीम ने दावा किया कि गोली लगने से घायल छात्रों में एक के पैर और घुटने में गंभीर चोट आई, जबकि अन्य छात्रों के भी गोली लगने से घायल होने की बात सामने आई। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि घायल छात्रों के साथ भी पुलिस ने कथित तौर पर मारपीट की और मामले में अब तक पूरी जवाबदेही तय नहीं की गई है।

 

‘AK-47 किसके आदेश पर चली?’

 

कांग्रेस नेताओं ने सवाल उठाया कि यदि पुलिस ने आत्मरक्षा में गोली चलाई तो गोली चलाने का आदेश किसने दिया और छात्रों को गोली लगने की जिम्मेदारी किसकी है? नेताओं ने कहा कि सीवान की घटना में एक पुलिसकर्मी को निलंबित किए जाने की बात सामने आई है, लेकिन अन्य छात्रों को लगी गोलियों को लेकर भी स्पष्ट जांच और जवाबदेही जरूरी है। कांग्रेस ने मुख्यमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री से मामले पर जवाब देने तथा दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।

 

छात्रों की गिरफ्तारी और मुकदमों पर भी सवाल

 

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि आंदोलन में शामिल छात्रों को रात में घरों से गिरफ्तार किया गया और कई मामलों में पुराने मुकदमों का हवाला देकर उन्हें परेशान किया जा रहा है। पार्टी ने कहा कि आंदोलनकारी छात्रों पर दर्ज मुकदमों की निष्पक्ष समीक्षा होनी चाहिए और राजनीतिक गतिविधियों के कारण छात्रों को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए।

 

परीक्षा शुल्क घटाकर ₹1 करने की मांग

 

कांग्रेस नेताओं ने छात्रों की परीक्षा फीस का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि जब सरकार बड़े औद्योगिक समूहों को रियायतें दे सकती है तो प्रतियोगी परीक्षाओं की फीस कम करने पर भी गंभीरता से विचार होना चाहिए। नेताओं ने मांग की कि गरीब और मध्यमवर्गीय छात्रों को राहत देने के लिए सरकारी भर्ती परीक्षाओं का शुल्क ₹1 किया जाए।

 

इसके अलावा कांग्रेस ने परीक्षा केंद्रों को छात्रों के गृह जिले के नजदीक रखने, ऑनलाइन परीक्षाओं की बेहतर व्यवस्था, भर्ती परीक्षाओं में देरी दूर करने और बिहार के युवाओं के लिए रोजगार एवं शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगा।

 

‘छात्रों को आतंकवादी की तरह क्यों देखा जा रहा?’

 

कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों के साथ जिस तरह की कार्रवाई की गई, वह लोकतांत्रिक अधिकारों के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि छात्रों और युवाओं को अपराधी या आतंकवादी की तरह पेश करने के बजाय उनकी समस्याओं का समाधान बातचीत से किया जाना चाहिए।

 

कांग्रेस ने साफ किया कि वह बिहार के छात्रों और युवाओं के मुद्दों को लेकर आगे भी आवाज उठाती रहेगी और सीवान समेत अन्य जिलों में हुई घटनाओं की रिपोर्ट के आधार पर सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग करेगी।

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