” विद्यार्थियों को जीवन में सफलता हासिल करने के लिए निरंतर प्रयास करते रहना चाहिए। किसी समस्या या आलस्य की वजह से प्रयास में कमी नहीं रखें ,उक्त विचार महाविद्यालय के स्वामी विवेकानंद कैरियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ के अंतर्गत युवाओं के लिए रोजगारोन्मुखी “व्यक्तित्व विकास एवं व्यवहारिक कौशल”पर आधारित 30 दिवसीय प्रशिक्षण के शुभारंभ में प्राचार्य डॉ पीटर डोडियार ने व्यक्त किया।
प्रो. एस.एस.मुवेल ने व्यक्तित्व विकास के लिए आत्मविश्वास व आत्म विश्लेषण के संदर्भ में विद्यार्थियों को अपनी क्षमता के प्रति प्रेरित करने के लिए संबोधित किया। डॉ. मीना मावी ने एक उदाहरण के माध्यम से बताया कि व्यक्तित्व विकास के लिए ज्ञान ही पर्याप्त नहीं है,व्यक्ति में व्यावहारिक कौशल का होना भी आवश्यक है।
मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित प्रशिक्षक श्री विक्रम सोलंकी ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों को बायोडाटा/ रिज्यूमे बनाना, एप्टीट्यूड समझना, संप्रेषण कौशल और साक्षात्कार की तकनीकी के सिखाई जाएगी इसके साथ ही रिजनिंग और डाटा इंटरप्रिटेशन की विशेष कक्षाएं भी संचालित होगी। महाविद्यालय के स्वामी विवेकानंद कैरियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ प्रभारी डॉ.राकेश गिरवाल ने बताया कि इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों के समग्र व्यक्तित्व विकास और उनमें छिपी व्यवहारगत कुशलता को उभारना है।
इस कार्यक्रम में डॉ.छगन वसुनिया, प्रो.सुनील भाबोर, प्रो.प्रमिला भूरिया, प्रो सावित्री बामनिया,प्रो.मीनाक्षी चौहान,प्रो.मुकेश डामोर प्रो.अमर सिंह मंडलोई सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. राजेंद्र चौधरी ने तथा आभार डॉ. राकेश गिरवाल ने व्यक्त किया।












