*स्वतंत्रता संग्राम में आर्य समाज की भूमिका कार्यक्रम सम्पन्न*
*भारत की आजादी के प्रेरणास्रोत स्वामी दयानन्द थे-स्वामी आर्यवेश*
गाजियाबाद,सोमवाऱ,17-08-2026 क़ो शम्भु दयाल दयानन्द वैदिक सन्यास आश्रम दयानन्द नगर द्वारा स्वतंत्रता संग्राम में आर्य समाज की भूमिका विषय पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
गुरुकुल के ब्रह्माचारिओं द्वारा वेद मंत्रो से समारोह का शुभारम्भ किया गया।
भजनोपदेशक नरेश चन्द्र एवं पीहू, अंजलि, तनवी महता द्वारा ऋषि दयानन्द गुणगान एवं देशभक्ति के गीतों की प्रस्तुति हुई।
स्वागताध्यक्ष वेद व्यास जी द्वारा मुख्य अतिथि ललित जायसवाल, वशिष्ठ अतिथि प्रवीण चौधरी एवं सुभाष गर्ग का अंग वस्त्र ओढाकर स्वागत किया गया।
स्वामी आर्यवेश (सार्वदेशिक आर्य प्रतिनिधि सभा दिल्ली के अध्यक्ष) ने कहा कि भारत की आज़ादी के प्रेरणास्रोत स्वामी दयानंद सरस्वती थे।आर्य समाज ने आज़ादी की लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।स्वामी दयानंद ने कांग्रेस बनने से पहले ही देश की स्वतंत्रता और स्वदेशी का समर्थन किया था।उन्होंने कहा था कि विदेशी शासन कितना भी अच्छा हो,वह स्वीकार नहीं किया जा सकता।अंग्रेजों ने गुरुकुल शिक्षा व्यवस्था को नष्ट किया और भारत को आर्थिक रूप से लूटा।स्वामी दयानंद की प्रेरणा से श्यामजी कृष्ण वर्मा के नेतृत्व में लंदन के इंडिया हाउस में क्रांतिकारी आंदोलन चला।उन्होंने गायत्री मंत्र को जीवन की वैतरणी बताया, जिसके नियमित जप से बुद्धि सात्विक होती है।
मुख्य रूप से विजय पाल कसाना,नरेंद्र पांचाल,के के यादव,सत्येंद्र यादव,मंगल सिंह चौधरी,सुभाष शर्मा,राकेश मित्तल,बालेश्वर त्यागी,प्रवीण आर्य,सीमा व्यास एवं डॉ प्रतिभा सिंघल आदि गणमान्य लोग मौजूद रहे।
मंच का कुशल संचालन सत्य केतु सिंह एडवोकेट ने किया।
शांति पाठ एवं ऋषि लंगर के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ।












