/ अनमोल कुमार बलिया। पुलिस की वर्दी देखते ही आ म आदमी सकते में आ जाता है। खौफ और भय की की तरंगे व्यक्ति के शरीर में प्रवाहित होने लगती है। पुलिस खासकर थाने पर जाने वाले फरियादियों की व्यथा कम सुनती है उन्हें व्यथित ज्यादा करती है। अक्सरहा समाचार पत्रों और अन्य माध्यम से पुलिस की जयादति, जालिमाना हरकतों, और आमानवीय कृत को देखने ,सुनने और जानने के बाद इंसान पुलिस के चक्रव्यूह से निकल नहीं पाता। लेकिन ,बिहार पुलिस के एक थानाध्यक्ष ने अपने पुनीत कर्तव्य, नेक नियति और सत्कर्म से अपने थाने पर आई एक बुजुर्ग महिला का का न सिर्फ आंसू पोछा बल्कि उसकी व्यथा को ध्यान से सुना और वृद्ध महिला के घर पहुंच कर उसके बेटे को पुलिसिया साम, दाम दंड भेद से उसके जख्म पर राहत का मलहम लगाया। उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के के निवासी कुमार संजीव बिहार पुलिस में सब इंस्पेक्टर के पद पर हैं। बलिया को बागी बलिया के रूप में भी जाना जाता है। सब इंस्पेक्टर संजीव इन दिनों जमुई जिले के बरहट के थाना अध्यक्ष हैं। चार बेटे और बहू के जुल्मों सितम से परेशान बारहठ की एक बुजुर्ग महिला बरहट थाना पहुंचे। थाना अध्यक्ष ने उस बुजुर्ग महिला से थाना आने का कारण पूछा है ।थाना अध्यक्ष संजीव की संजीदगी और सहानुभूति देख बुजुर्ग महिला फफ़क पड़ी। सब इंस्पेक्टर संजीव उक्त बुजुर्ग महिला को शांत कराया उन्हें पानी पिलाया और फिर कुर्सी पर बिठाया। थाना अध्यक्ष संजीव उसे बुजुर्ग महिला की व्यथा सुनकर द्रवित हो गए और यह जानकर वे भावुक हो गए की बुजुर्ग महिला ने कई दिनों से खाना नहीं खाया है। संजीव ने अपने टेबल पर ही उसे महिला को भोजन कराया और उसके साथ खुद भी भोजन किया। भोजन के पश्चात संजीव उसे बुजुर्ग महिला को लेकर उसके घर गए। महिला के चारों बेटों और बहू को अपने पास बुलाकर उन्हें पुलिसिया अंदाज में समझाया। बेटे और बहू को कर्तव्य बोध कराया। बेटे और बहू को मां की ममता और मातृत्व का महत्व बताते हुए उन्हें मां की सेवा की नसीहत दी।बहू को भी कानून की भाषा में समझाया। बेटा बहुत सब ने मिलकर थाना अध्यक्ष संजीव से क्षमा याहैचना की और अपनी मां को फिर कभी तकलीफ ना देने का आश्वासन दिया। थाना अध्यक्ष संजीव के नेक कार्य की सर्वत्र चर्चा हो रही है। इसे ही कहते हैं “पब्लिक फ्रेंडली पुलिस।”बागी बलिया के इस लाल ने बिहार में बिहार पुलिस के लिए कमाल कर दिया। काश ,हर पुलिसकर्मी समाज की सामाजिक समस्या को संजिंदगी समझता और उसकी समाधान के लिए तत्पर रहता ?












