• फर्जी पहचान और लव जिहाद:
मुस्लिम युवक हिंदू नाम और प्रतीक (जैसे ॐ का टैटू) अपनाकर हिंदू लड़कियों से संबंध बना रहे हैं। अभी जम्मू में ‘पूरन’ नामक व्यक्ति का मुस्लिम होने का खुलासा हुआ। ऐसे कई मामलें छोटे स्तर पर सामने आते हैं पर मीडिया में दबा दिए जाते हैं।
• पाकिस्तानी महिलाओं का घुसपैठ और नागरिकता का दुरुपयोग:
पाकिस्तानी महिलाएं भारत आकर शादी कर रहीं, बच्चों को भारत की नागरिकता दिलवाने की कोशिश कर रहीं और OGW (Over Ground Worker) के रूप में पाकिस्तान के लिए जासूसी या आतंकी सहायता का कार्य कर रही हैं।
पाकिस्तान भारतीय महिलाओं को नहीं अपनाता, पर भारत में पाकिस्तानी महिलाएं सभी सुविधाएं ले रही हैं।
• सीमा पार घुसपैठ के रास्ते:
नेपाल और बांग्लादेश बॉर्डर के जरिये बड़ी संख्या में मुस्लिम महिलाएं बिना जांच के भारत में आकर रह रही हैं (जैसे सीमा हैदर)।
इन नेटवर्क्स की वजह से पथराव, लव जिहाद और आतंकी हमलों में बढ़ोतरी हो रही है, खासकर 2014 के बाद।
• कानूनी खामियां और सेक्युलरिज्म का दुरुपयोग:
भारत का अंग्रेजों के समय का कानून मुस्लिम अल्पसंख्यकों को अनुचित लाभ दे रहा है। राष्ट्रहित में CAA, NRC जैसे कानूनों का विरोध इसी वजह से किया जाता है।
PFI, अर्बन नक्सली, वामपंथी, फर्जी पत्रकार और विपक्षी पार्टियाँ एकजुट होकर एक समुदाय का तुष्टिकरण कर रही हैं और भारत की सुरक्षा से समझौता कर रही हैं।












