रोहित कुमार गुप्ता *बलरामपुर* : रविवार को पुलिस ने थाना महाराजगंज तराई में हुए हत्याकांड का खुलासा करते हुए मृतक हरेंद्र वर्मा की पत्नी उमा सहित सात लोगों को गिरफ्तार किया है। उमा ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर अपने पति की हत्या का चक्रव्यूह रचा था।
एसपी ने घटना का खुलासा करने वाली टीम को 25 हजार रूपये पुरस्कार देने की घोषणा की है।
यह है पूरा मामला
बहूभोज में शामिल होने ससुराल गए दामाद की दो मई को गला रेतकर हत्या कर दी गई। चाचा की तहरीर पर अज्ञात के विरुद्ध हत्या का केस दर्ज हुआ था। घटना थाना महाराजगंज तराई क्षेत्र के जुगलीकलॉ गांव में हुआ था। घटना के बाद मौके पर फोरेंसिक टीम ने वैज्ञानिक ढंग से साक्ष्य जुटाए थे।। पुलिस के आलाधिकारियों ने घटना स्थल का जायजा लिया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा था।
वर्ष 2021 में हुई थी हरेंद्र और उमा की शादी
देवरहना थाना खरगूपुर जिला गोंडा निवासी 25 वर्षीय हरेन्द्र कुमार वर्मा पुत्र चन्द्र प्रकाश उर्फ चंदू का विवाह वर्ष 2021 में जुगलीकलॉ निवासी विजय वर्मा की पुत्री उमा देवी के साथ हुआ था। वर्ष 2023 में उमा ने देवी का गौना देकर विदा किया गया। हरेन्द्र का ससुराल आना जाना लगा रहता था।
खून से लतपत मिला था शव
हरेंद्र की हत्या के बाद मौके पर चारों ओर खून बिखरा पाया गया था। हरेन्द्र का पूरा शरीर खून से सना था। पास में ही उसका मोबाइल भी पड़ा मिला। फोरेंसिक टीम ने आस पास से भी वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए थे। हरेन्द्र के मां की बचपन में ही मौत हो गई थी। चाचा लालता व चाची चिनका ने उसका पालन पोषण किया था।
प्रेमी से शादी करने के लिए पति की करवाई हत्या
एसपी विकास कुमार ने बताया कि जितेन्द्र व उमा वर्मा के बीच पिछले कई वर्षों से प्रेम संबंध था। दोनों एक दूसरे से शादी करना चाहते थे। लेकिन उमा के घर वालों ने शादी मृतक हरेन्द्र वर्मा से चार वर्ष पहले कर दिया था।
एसपी विकास कुमार ने बताया कि पूछताछ के दौरान उमा व जितेंद्र ने बताया कि हम लोग अब भी एक दूसरे से उतना ही प्रेम करते थे और एक दूसरे के बिना रह पाना मुस्किल था।
हम दोनों ने सोचा कि अगर हरेन्द्र वर्मा को रास्ते से हटा दिया जाए तो हम दोनो एक दूसरे के साथ शादी कर लेंगे और मृतक हरेन्द्र वर्मा को अपने रास्ते से हटाने का मन हम लोगो ने बना लिया और कई बार योजना बनाए लेकिन बात नही बन पाई थी। इस बार मौका देख कर हरेंद्र का गला रेत कर हत्या कर दी।
दोस्तो संग रची हत्या की साजिश
कई बार हरेंद्र की हत्या का प्रयास करने पर सफलता न मिलने पर जितेन्द्र ने अपने दोस्तो की सहायता ली। जितेंद्र ने मुकेश कुमार, सचिन यादव, अखिलेश यादव, सन्तोष व मुकेश साहू के साथ मिलकर हरेंद्र की हत्या का चक्रव्यूह रचा, और सुनसान जगह पर हरेंद्र का गला रेत कर हत्या कर दिया।












