*माचाड़ी ग्राम पंचायत में साफ-सफाई नहीं होने के कारण संक्रामक बीमारी फैलने का भय बना हुआ है*
*माचाड़ी रात्रि चौपाल में जिला कलेक्टर अलवर के द्वारा सख्त निर्देश दिए जाने के बावजूद भी सफाई पर कोई ध्यान नहीं दिया गया पंचायत वीडीओ द्वारा*
*अलवर कलेक्टर से भी बडा है माचाड़ी वीडीओ*
रैणी(अलवर)महेश चन्द मीना,
प्राचीन काल में अलवर जिले की राजधानी रहे माचाड़ी कस्बे में विगत पांच वर्षों से साफ-सफाई ही नहीं होने के कारण जगह-जगह गंदगीयों के ढेर लगे हुए हैं और यदि कोई कभी होती भी है तो सिर्फ और सिर्फ नाममात्र की ही होती है ।
रघुवीर सैनी , कालूराम सैनी सहित ग्रामीणों ने बताया कि नालो में विगत पांच वर्षों से साफ-सफाई नहीं होने से नालों में भरी गंदगी व पानी से तथा जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे होने के कारण मच्छर पैदा हो रहे है जिसके कारण अनेक बीमारियां फैलने का भय बना हुआ है और बहुत से लोग बीमार हो चुके हैं।
ग्रामीणों ने रात्रि चौपाल में भी जिला कलेक्टर से इस बारे में शिकायत की तो जिला कलेक्टर ने तुरंत प्रभाव सफाई कराने के लिए सख्त निर्देश दिए और साफ-सफाई के बारे में बात कर पूरे कस्बे को ही स्वच्छ रखने की बात बताई।
जिला कलेक्टर के कहने के बावजूद भी कस्बे में साफ-सफाई नहीं हो पाई और जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हुए तथा नाले गंदगी से भरे हुए हैं। ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत में तुरंत सफाई करवाए जाने की प्रशासन से मांगी है। ग्रामीणों ने बताया कि उच्च अधिकारी से लेकर ग्राम पंचायत तक के कर्मचारी व अधिकारी सहित सरकार द्वारा चुने नुमाइंदे मिल बैठकर माल को हजम कर जाते है। ओर सफाई तक नहीं करवाते। सफाई के नाम मोटा पैसा सरकार से आता है वह जाता कहां है?
*इस तरह से फर्जी कार्य किया जाता है*
मोबाइल से किसी के घर के सामने सफाई देखकर उस जगह की फोटो वीडियो बनाकर कागजों की पूर्ति कर कार्यालय में भिजवा कर बजट उठा लिया जाता है और मिल बैठकर खा लिया जाता है। इसी तरह नरेगा में भी फर्जी मस्टरोल का कार्य होता है। मस्टरोल में चारों दिशाओं से फोटो वीडियो अलग-अलग तरीके से बनाकर कई कई दिनों की फर्जी हाजरी से पेमेंट उठाकर सरकार को चूना लगाया जा रहा है।
इसी तरह रामू के घर से कालू के घर तक तथा उसी जगह को दोबारा सोनू के घर से मोनू के घर तक बताकर फर्जी तरीके से निर्माण कार्य का सरकार को चुना लगा कर पेमेंट उठा लिया जाता है और मिल बैठकर खा लिया जाता है।
अगर डबल इंजन की सरकार इमानदारी से जांच करवाएं तो पूरी तहसीलों में बहुत बड़ा घोटाला उजागर हो सकता है।
अगर सरकार ईमानदार होगी तो जरुर कार्यवाही करेगी। नहीं तो समझना कानून की आंखों पर ईमानदारी के नाम की पट्टी बंधी हुई है। इसलिए लोग कहते हैं अंधा कानून है।
मजबूर होकर रैणी बीडीओ ने माचाड़ी वीडीओ को 02 मई को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है।
मिडिया को यह सारी जानकारी स्थानीय नागरिक रघुवीर सैनी , नागराज शर्मा , कालूराम सैनी , श्री सहित अनेक गणमान्य ग्रामीण लोगो के द्वारा दी गई है।












