वृदांवन से काश्मीर तक होगी गीता मार्च यात्रा
रिपोर्ट अनमोल कुमार
वृन्दावन ( उ. प्र ) । कर्मयोगी भारत निर्माण महायज्ञ द्वारा त्रिदिवसीय ब्रज धर्म संसद का आयोजन किया गया। ब्रजभूमि कल्याण परिषद एवं बृन्दावन शोध संस्थान के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित किया गया।
ब्रज धर्म संसद को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष, बिहारी लाल ने कहा कि सनातन धर्म और गीता के उद्देश्य को प्रचारित और प्रसारित करने के लिए वृन्दावन से काश्मीर ( लाल चौक) तक गीता मार्च यात्रा का आयोजन किया जाएगा। राजेश शर्मा ने कहा कि बृज की पवित्र और सुन्दर मिट्टी की महक अपरम्पार है जिसपर राधाकृष्ण के प्रेम रस के दर्शन हुए। यहाँ भगवान कृष्ण के दर्शन से लोग अहलादित हुए और गोपियों के साथ रासलीला की गई।
गौरव रस्तोगी ने गीता दर्शन की चर्चा करते हुए कहा कि हमलोग गीता ज्ञान को आत्मसात कर अनुरागमय जिन्दगी बिता सकते हैं। इस बदलाव और धर्मयुक्त आचरण से हम गौरान्वित हो सकते हैं ।
स्वामी कृष्णानंद झा ने गीता के कर्मयोग और मर्म की महत्ता पर विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि इसके माध्यम से ना केवल जीवन सफल होगा बल्कि गीता के कर्म हमें दिशा और दशा देकर सनातन धर्म और संस्कृति से हमें अवगत करायेगा। उन्होंने कहा कि हमारा संगठन श्रीकृष्ण जन्मभूमि की लड़ाई भी लड़ रही है और इसके अलावा धर्मांतरण रोकने के लिए सजगता से काम कर रहा है।
दिनेश फलधारी ने कहा कि सभी धर्मानार्थ में सनातन धर्म और संस्कृति की स्थापना हेतु आश्रम के लिए जगह मिलनी चाहिए ताकि हिन्दू धर्म और सनातन संस्कृति का जमकर प्रचार प्रसार किया जा सकें। साथ ही धर्मांतरण रोकने के लिए मुहिम चलाया जा सके।
भारत सरकार के संयुक्त सचिव, नवीन शाह ने कहा कि सनातन धर्म हिन्दू सभ्यता और संस्कृति का आधार है। गीता ज्ञान को अपनाकर और प्रभु श्री कृष्ण के अलौकिक लीला का प्रचार प्रसार कर हम अपने जीवन को सफल कर सकते हैं। रामकृष्ण गोस्वामी और महन्त दीपक गोस्वामी ने कहा कि बृजभूमि के प्रति सेवा और समर्पण से जीवन को सार्थक बनाया जा सकता है।
इस ब्रज धर्म संसद में पंडित लक्ष्मकांत कौशिक, पंडित गिरिराज शरण शर्मा, पंडित दिनेश शर्मा, विशाल, श्रीराम सिंह पटेल, इन्दर सिंह ने भी अपने अपने विचार व्यक्त किया।












