सरपंच ने स्कूल मे भरत कराने के नाम से व चार दीवारी के नाम 10 लाख रुपए उठा लिए है पहले ही
सरपंच जानबूझकर नही करा रहा है स्कूल बाऊण्ड्री को पिछले 3—4 साल से
रैणी(अलवर)महेश चन्द मीना,
अलवर के रैणी-उपखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत-बैरेर की सरकारी मिडल स्कूल खोहरा चौहान की बाउण्ड्री को 2021-22 मे सरपंच बैरेर द्वारा बोरिंग कराते समय तुडवा दिया गया था जिस बाऊण्ड्री को 3—-4 साल बीत जाने के बाद आज तक भी दुबारा से नही चुनाया गया है।
इसके अलावा भी स्कूल बाऊण्ड्री अन्य दूसरी कई जगह से भी टूटी हुई पडी है लेकिन स्थानीय सरपंच बैरेर गांव खोहरा चौहान का ही होते हुए भी जानबूझकर स्कूल बाऊण्ड्री नही करा रहा है।
इस सम्बन्ध मे मिडिया को पूर्व वार्ड पंच हेमलता देवी ने बताया है कि सरपंच बैरेर द्वारा 2020 मे ही स्कूल बाऊण्ड्री तथा स्कूल मे भरत कराने के नाम से 9 लाख 98 हजार रुपए उठा लिए है जबकि वास्तविकता मे तो मौके पर कुछ और ही है लेकिन सम्बन्धित जिम्मेदार उच्चाधिकारीगण भ्रष्टाचार मे लिप्त होने के कारण लीपापोती कर लेते है।
पूर्व वार्ड पंच ने यह भी बताया कि सरपंच बैरेर ने 2020 मे कोरोनाकाल के समय मे जब स्कूल पूरी तरह से बन्द थी उस समय भी 15 अगस्त 2020 को स्कूल मे 20 हजार रुपए के गोन्दी दाना (मिठाई) बाटना दिखाकर 20 हजार रुपए के फर्जी बिल बाऊचर लगाकर गबन कर दिया था लेकिन सम्बन्धित जिम्मेदार उच्चाधिकारीगण मिलिवक्त कर भ्रष्टाचार को दबा दिया गया।
स्कूल बाऊण्ड्री नही होने से स्कूल मे मौजूद पेड-पौधे आवारा पशुओ से नष्ट हो जाते है इसलिए स्कूल बाऊण्ड्री होना बहुत ही जरूरी है।
मिडिया को यह सारी जानकारी स्थानीय पूर्व वार्ड पंच हेमलता देवी के द्वारा दी गई है।












