महाराष्ट्र के राज्यपाल सी.पी. राधाकृष्णन उप-राष्ट्रपति चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन एनडीए के उम्मीदवार होंगे। उपराष्ट्रपति पद के एनडीए के उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन को तमिलनाडु की राजनीति का सम्मानित चेहरा माना जाता है। उनके पास 4 दशकों का राजनीतिक अनुभव है।
महाराष्ट्र के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन उपराष्ट्रपति पद के एनडीए के उम्मीदवार होंगे। इस बात की घोषणा रविवार को भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने की। राधाकृष्णन चार दशक से अधिक समय से राजनीति और सामाजिक जीवन में सक्रिय रहे हैं और उन्हें तमिलनाडु की राजनीति का सम्मानित चेहरा माना जाता है।
20 अक्टूबर, 1957 को तमिलनाडु के तिरुपुर में जन्मे राधाकृष्णन ने 1974 में भारतीय जनसंघ के राज्य कार्यकारी समिति सदस्य के रूप में राजनीतिक पारी की शुरुआत की थी। राधाकृष्णन कई अहम संवैधानिक पदों पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं। 1998 में कोयंबटूर से पहली बार लोकसभा के लिए चुने गए राधाकृष्णन कई सुधार समितियों में नामित सदस्य के साथ-साथ अध्यक्ष भी नियुक्त किए गये हैं।
लगभग चार दशकों के राजनीतिक अनुभव को समेटे हुए हैं। 1996 में राधाकृष्णन को तमिलनाडु में बीजेपी का सचिव नियुक्त किया गया। वे 1998 में कोयंबटूर से पहली बार लोकसभा के सदस्य चुने गए। 1999 में वह फिर सांसद चुने गए। 2004 में राधाकृष्णन ने संसदीय प्रतिनिधिमंडल के सदस्य के रूप में संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित किया।
2004 से 2007 के बीच वह तमिलनाडु में बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष रहे हैं। इस पद पर रहते हुए उन्होंने 93 दिनों तक चली 19 हजार किलोमीटर की रथ यात्रा की। 18 फरवरी 2023 को राधाकृष्णन को झारखंड का राज्यपाल नियुक्त किया गया। उन्होंने तेलंगाना के राज्यपाल और पुडुचेरी के उपराज्यपाल का अतिरिक्त प्रभार भी संभाला।
महाराष्ट्र के राज्यपाल सी.पी. राधाकृष्णन उप-राष्ट्रपति चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन एनडीए के उम्मीदवार होंगे। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केन्द्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा ने कल नई दिल्ली में भाजपा मुख्यालय में पार्टी संसदीय बोर्ड की बैठक के बाद मीडिया को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि एनडीए के सभी सहयोगी दलों ने इस फैसले का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी सहमति से उपराष्ट्रपति चुनाव सुनिश्चित करने के लिए सभी दलों के साथ समन्वय का प्रयास करेगी। जेपी नड्डा ने कहा कि पिछले सप्ताह एनडीए के सहयोगी दलों और विपक्षी दलों से इस बारे में संपर्क किया गया।












