November 1, 2026 9:32 am

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दिल्ली: रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने शुभांशु शुक्ला को किया सम्मानित

अनिल कुमार गुप्ता दिल्ली
भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने देश के अंतरिक्ष मिशन में एक नई उपलब्धि दर्ज की है। उन्होंने अपनी हालिया अंतरिक्ष यात्रा के दौरान अंतरिक्ष में सफलतापूर्वक मेथी और मूंग की खेती कर यह सिद्ध कर दिया कि भारतीय वैज्ञानिक एवं सैनिक हर परिस्थिति में नवाचार कर सकते हैं।

अगस्त 24, नई दिल्ली: भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने देश के अंतरिक्ष मिशन में एक नई उपलब्धि दर्ज की है। उन्होंने अपनी हालिया अंतरिक्ष यात्रा के दौरान अंतरिक्ष में सफलतापूर्वक मेथी और मूंग की खेती कर यह सिद्ध कर दिया कि भारतीय वैज्ञानिक एवं सैनिक हर परिस्थिति में नवाचार कर सकते हैं।

इस उल्लेखनीय योगदान के लिए रविवार को नई दिल्ली में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला सहित अन्य गगन यात्रियों को सम्मानित किया।

सम्मान समारोह में रक्षा मंत्री ने कहा, “आपके भीतर का किसान अंतरिक्ष में जाकर भी बाहर नहीं आया। भारत एक कृषि प्रधान देश है, लेकिन यह कल्पना करना भी कठिन था कि कोई भारतीय अंतरिक्ष में जाकर मेथी और मूंग उगाएगा। यह प्रयास न केवल वैज्ञानिक रूप से महत्वपूर्ण है, बल्कि आने वाले अंतरिक्ष मिशनों के लिए भी प्रेरणादायक है।”

राजनाथ सिंह ने कहा कि शुभांशु की यह यात्रा आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्त्रोत बनेगी। उन्होंने कहा, “जब शुभांशु अंतरिक्ष में गए, तो वह केवल वायुसेना या भारत के नहीं, बल्कि पूरी मानवता के प्रतिनिधि बन गए। उनका यह योगदान इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज किया जाएगा।”

रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत अब उस युग में प्रवेश कर चुका है, जहां अंतरिक्ष केवल सैन्य शक्ति या तकनीकी कौशल का प्रतीक नहीं, बल्कि मानव सभ्यता की साझी यात्रा का अगला चरण बन चुका है। उन्होंने कहा कि भारत चंद्रमा से लेकर मंगल तक अपनी उपस्थिति दर्ज करा चुका है और अब गगनयान मिशन के लिए पूरी तरह तैयार है।

उन्होंने यह भी कहा कि अंतरिक्ष में शुभांशु शुक्ला की उपलब्धियां आत्मनिर्भर भारत की भावना का उदाहरण हैं। “यह केवल तकनीकी सफलता नहीं, बल्कि भारतीय इच्छाशक्ति, साहस और साधना की प्रतीक है,” रक्षा मंत्री ने कहा।

राजनाथ सिंह ने बताया कि शुभांशु ने जहां सामान्यत 2 से ढाई साल में पूरी होने वाली एस्ट्रोनॉट ट्रेनिंग को महज ढाई महीनों में पूरा कर दिखाया, वहीं उनकी अंतरिक्ष में कृषि जैसी पहल आने वाले वैज्ञानिक प्रयोगों के लिए राह खोलती है।

उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि भारत का अंतरिक्ष कार्यक्रम अब प्रयोगशालाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह गांवों और किसानों तक सेवा पहुंचाने का माध्यम बन गया है। संचार, मौसम पूर्वानुमान और आपदा प्रबंधन जैसी सेवाओं के जरिए भारत अंतरिक्ष तकनीक को आम जनता के जीवन से जोड़ रहा है।

समारोह के अंत में रक्षा मंत्री ने कहा, “यह केवल भारत की जीत नहीं, बल्कि सम्पूर्ण मानवता की प्रगति का प्रतीक है। यह एक नई शुरुआत है। हमें अब और लंबी अंतरिक्ष यात्रा तय करनी है और भारत को इस क्षेत्र में अग्रणी बनाना है।”

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