9 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित ऋषि पराशर की तपोस्थली में जुटे श्रद्धालु, 25 से अधिक देवी-देवताओं की रही उपस्थिति
समुद्र तल से करीब 9 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित पराशर झील के तट पर आयोजित तीन दिवसीय सरनाहुली मेला इन दिनों श्रद्धा और आस्था का केंद्र बना हुआ है। आषाढ़ संक्रांति के अवसर पर लगने वाले इस पारंपरिक मेले में क्षेत्र के हजारों श्रद्धालु और 25 से अधिक स्थानीय देवी-देवता भाग लेते हैं। ऋषि पराशर को समर्पित यह लोक उत्सव क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। मंदिर के पुजारी सिद्धू राम के अनुसार, पराशर झील और मंदिर ऋषि पराशर की तपोस्थली माने जाते हैं तथा 13वीं-14वीं शताब्दी में मंडी रियासत के राजा बाण सेन ने यहां पैगोडा शैली के मंदिर का निर्माण करवाया था। उन्होंने बताया कि झील के मध्य स्थित रहस्यमयी तैरता टापू इस स्थल की विशेष पहचान है। पुजारी ने श्रद्धालुओं से धार्मिक भावना के साथ यहां आने और स्थल की पवित्रता बनाए रखने की अपील भी की।












