रिपोर्ट अनमोल कुमार
खूंटी। नेशनल बैकवर्ड क्लासेज फाइनेन्स एण्ड डेवलपमेण्ट काॅरपोरेशन ( भारत सरकार का उपक्रम, सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय) के तत्वावधान में स्वावलम्बन द्वारा सी एस आर योजनान्तर्गत पिछड़ा वर्ग की 150 महिलाओं के बीच 30 – 30 मशरूम उत्पादन बैग ( कीट) और स्प्रेयर ( जल छिड़काव) हेतु वितरित किया गया। मशरूम उत्पादन बैग ( कीट) प्राप्त कर पिछड़े वर्ग की महिलाओं में काफी खुशी और उत्साह देखा गया।
स्वावलम्बन के अध्यक्ष, प्रभाकर कुमार ने लाभार्थियों को संबोधित करते हुए मशरूम उत्पादन की विधियाँ, रखरखाव के तरीके, मशरूम उत्पादन से प्राप्त आमदनी और बाजारीकरण को विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि मशरूम उत्पादन से आप अपने जीवकोपार्जन के साथ साथ तरक्की का रास्ता अपना सकते हैं। उन्होंने कहा कि कम पूंजी, कम जगह और कम समय में आप लागत का तीन गुना से ज्यादा आमदनी बना सकते हैं।
स्वावलम्बन के सचिव, अनमोल कुमार ने कहा कि मशरूम उत्पाद से मूल्यसंबर्धन बस्तुएं बड़ी, पापड, अचार, लड्डू, जेम ज़ेली,मिक्चर,बिस्कुट का निर्माण कर पिछडी जाति की महिलाएँ आत्मनिर्भर बन सकती है। इस अवसर पर बिरसा कृषि विश्वविद्यालय से प्रशिक्षित प्रशिक्षिका,पूनम संगा ने मशरूम उत्पादन के विभिन्न तरीकों की जानकारी दी












