
रिपोर्ट अनमोल कुमार
पटना। बिहार राज्य खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड, पटना द्वारा आयोजित तीन दिवसीय टेराकोटा कला कार्यशाला का आज सफलतापूर्वक समापन हुआ।
प्रशिक्षण के अंतिम दिन प्रतिभागियों ने एक से बढ़कर एक सुंदर और रचनात्मक टेराकोटा कलाकृतियाँ बनाईं, जिनमें पारंपरिक एवं आधुनिक दोनों प्रकार की अभिव्यक्तियाँ देखने को मिलीं। सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों में आरोही को प्रथम पुरस्कार, अपराजिता सिंह को द्वितीय पुरस्कार एवं चंदन कुमार को तृतीय पुरस्कार प्रदान किया गया।
कार्यशाला में राज्य पुरस्कार प्राप्त टेराकोटा कलाकार श्री भोला पंडित एवं उनकी टीम ने प्रतिभागियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया। कार्यशाला के समापन अवसर पर बोर्ड द्वारा श्री पंडित को उनके विशिष्ट योगदान हेतु सम्मानित भी किया गया।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य पारंपरिक मिट्टी शिल्प को पुनर्जीवित करना, युवाओं में इसके प्रति रुचि उत्पन्न करना तथा स्वरोजगार के अवसरों से उन्हें जोड़ना रहा। विभिन्न आयु वर्ग के प्रतिभागियों, विशेष रूप से 10 वर्ष या उससे अधिक उम्र के बच्चों, युवाओं और शिल्प प्रेमियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
यह कार्यशाला 15 से 17 मई 2025 तक बोर्ड कार्यालय स्थित बापू कक्ष (पंचम तल, महेश भवन) में प्रतिदिन अपराह्न 1:00 बजे से सायं 4:00 बजे तक आयोजित की गई। कार्यशाला के समापन सत्र में प्रतिभागियों को प्रोत्साहित किया गया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। साथ ही श्री भोला पंडित एवं उनकी टीम के सदस्यों को उनके सहयोग और योगदान के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया गया।
समापन समारोह में बिहार राज्य खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के सहायक लेखा पदाधिकारी श्री अभय सिंह, मॉल प्रबंधक श्री रमेश चौधरी एवं विभाग के अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे। सभी ने कार्यक्रम की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त की और प्रतिभागियों की कलात्मक प्रतिभा की सराहना की।












