गुजरात (पाटण) माणक लाल जैन
श्री सौधर्म बृहत्तपागच्छीय श्रीमद् विजय जयन्तसेनसूरीश्वरजी महाराजा के शिष्य मुनिराज श्री चारित्ररत्नविजयजी महाराज एवं मुनिराज श्री अजीतसेनविजयजी महाराज आदि ठाणा का 15 जुन को गुजरात राज्य के पाटण नगर में पदार्पण हुआ, इस प्रसंग पर शोभायात्रा, धर्मसभा सहित विभिन्न कार्यक्रम हुए जिसमे पाटण के त्रिस्तुतिक जैन एवं पाटण के विभिन्न संघ ओर जैनेतर समाज के भाई बहनों की विशेष उपस्थिति रही, धर्मसभा में मुनि भगवंतो के प्रवचन हुए, कार्यक्रम में पंडितवर्य प्रवीणभाई एवं जैन संघ के अग्रणी धीरुभाई ने धर्मसभा को सम्बोधित किया, स्मरण रहे कि पाटण नगर में त्रिस्तुतिक संघ के सिर्फ वर्तमान में तीन घर हे लेकिन मुनिराज श्री की पाटण नगर में पुर्व में हुई स्थिरता दरमियान जो पाटण में एकता का वातावरण बनाया था उसी के फल स्वरूप मुनिराज श्री के पदार्पण प्रसंग पर जैन संघ के श्रावक श्राविकाओं ने समुदाय भेद को एवं पाटण के नागरिकों ने जातीवाद को भुलकर विशाल संख्या में उपस्थित दर्ज करवाई एवं दिन में भी उपाश्रय में मुनिराज श्री के दर्शनार्थ पाटण के नागरिको का आवागमन रहा












