संवाददाता रोहित कुमार गुप्ता उतरौला (बलरामपुर) सीएचसी महदेइया बाजार में विगत दिनों प्रसव के दौरान एक नवजात शिशु के मौत के मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की गई है। समिति के अध्यक्ष डा मनीष श्रीवास्तव व डा करिशमा सोनी , फार्मेसिस्ट राम बहादुर सदस्य बनाए गए हैं। समिति प्रसव प्रक्रिया, उसके उपचार व्यवस्था व आरोपी की जांच करेगी।
विकास खण्ड श्रीदत्तगंज के ग्राम बंनगवा निवासी अहसान अली की पत्नी को 9 जून की रात में प्रसव पीड़ा होने पर उसे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र महदेइया बाजार में भर्ती कराया गया था। परिजनों का आरोप है कि प्रसव पर तैनात स्टाफ नर्स ने
अस्पताल की दवाओं की जगह बाहर से इंजेक्शन व 1200 रुपए की दवाएं मंगाई थी। स्टाफ नर्स के द्वारा इंजेक्शन दिए जाने पर गर्भवती महिला की हालत बिगड गई और सामान्य प्रसव के दौरान नवजात शिशु की मौत हो गई। नवजात शिशु की मौत पर परिजनों ने हंगामा करते हुए इसके लिए स्टाफ नर्स को जिम्मेदार बताया। परिजनों ने बताया कि गर्भवती महिला का सुबह अल्ट्रासाउंड कराने जाते पर शिशु गर्भ में पूरी तरह स्वस्थ था। इसपर परिजनों ने इसकी शिकायत सीएमओ से की थी। उधर स्टाफ नर्स ने आरोपों से इंकार करते हुए कहा कि नवजात शिशु चार दिन पहले ही गर्भ में मर चुका था। परिजनों का आरोप है कि स्टाफ नर्स ने उसके शिशु के अल्ट्रासाउंड की रिपोर्ट स्वयं रख ली है।जांच समिति के अध्यक्ष डा मनीष श्रीवास्तव ने बताया कि जांच समिति यह तय करेगी कि लापरवाही किसकी है और दोषी पर किस तरह की कार्रवाई की जानी चाहिए।











