जावरा माणक लाल जैन अष्टापद तीर्थ व जावरा के मध्य नव विहारधाम निर्माण हेतु मुनि भगवंतो के हस्त कमल से वासक्षेप🏳️🌈
🛕 कोलन परिवार ने लिया सम्पूर्ण लाभ
मालवा अंचल में दादा गुरुदेव राजेन्द्र सूरिश्वर जी महाराजा की क्रियोद्धार पुण्यभूमि जावरा और अष्टापद तीर्थ के मध्य ताल रोड स्थित दूधाखेड़ी ग्राम में नवविहारधाम निर्माण हेतु मुनिभगवंतों द्वारा वासक्षेप कर विधिवत भूमिपुजन कार्य संपन्न हुआ।
यह पुण्यवंत कार्य राष्ट्रसंत, युगप्रभावक, पुण्य सम्राट, आचार्य श्रीमद विजय जयन्तसेन सूरीश्वरजी म.सा. की पावन प्रेरणा तथा वर्तमान गच्छाधिपति आचार्य भगवंत श्रीमद विजय नित्यसेन सूरीश्वरजी म.सा. व आचार्य श्री जयरत्न सूरीश्वरजी म.सा. के आज्ञानुवर्ती मुनिश्री प्रत्यक्षरत्न विजयजी म.सा. एवं पवित्ररत्न विजयजी म.सा. आदि ठाणा की निश्रा में 29 जून को संपन्न हुआ।
विहारधाम नवविहारधाम केवल निर्माण नहीं, बल्कि जिनशासन के स्थायित्व और गुरूभगवंतों के लिये सुरक्षित, सुविधायुक्त ठहराव के उद्देश्य से स्थापित किया जा रहा है। इस स्थान पर श्रमण – श्रमणी भगवन्तो का ठहराव, ध्यान, स्वाध्याय और धर्म आराधना हेतु सम्यक वातावरण उपलब्ध रहेगा। ताल रोड व नागेश्वर तीर्थ जैसे मुख्य मार्ग पर स्थित यह धाम भविष्य में भी जिन शासन की प्रभावना का सशक्त केंद्र बनेगा।
इस नवविहारधाम निर्माण का सम्पूर्ण लाभ स्व. बाबूलालजी कोलन की पुण्य स्मृति में उनकी धर्मपत्नी सुशीला देवी कोलन, पुत्र-पुत्रवधू धर्मेंद्र-सारिका कोलन, पौत्र-पौत्रवधू हर्ष – प्रियांशी एवं पौत्र जय कोलन परिवार द्वारा लिया गया। सारिका कोलन अखिल भारतीय श्री राजेन्द्र जैन प्रान्तीय महिला परिषद इकाई मध्यप्रदेश की अध्यक्ष हैं। आपके कार्यकाल में अनेक धार्मिक योजना के साथ नव विहारधाम का लाभ भी लिया गया।
कोलन परिवार द्वारा निर्मित यह दूसरा नव विहारधाम है। इससे पूर्व जावरा बायपास पर निर्मित श्री राजेन्द्र सूरि जयन्तसेन विहारधाम भी उनकी वैयावच्च, सेवा भावना व समर्पणता का प्रतीक रहा है। विहार सेवा का सौभाग्य जीवन का परम पुण्य अवसर है।
गुरू भगवंतों के चरणों में समर्पण ही सच्चा धर्म-संस्कार है।
परिषद के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी ब्रजेश बोहरा ने जानकारी दी कि मुनिद्वय की निश्रा में खाचरौद व भाटपचलाना के मध्य एक और नवविहारधाम की आधारशिला रखी गई। मालवा क्षेत्र में मुनि भगवंतों का सतत् विहार जिनशासन प्रभावना हेतु अत्यंत फलदायी सिद्ध हो रहा है। परिषद परिवार की ओर से लाभार्थी परिवार की अनुमोदना की गई है।
30 जून को मुनिश्री का जावरा नगर में प्रवेश होगा,आगे बडावदा होते हुए 7 जुलाई को नागदा जंक्शन में चातुर्मास हेतु प्रवेश होने जा रहा है, जिससे सम्पूर्ण अंचल में हर्षोल्लास का वातावरण व्याप्त है।
विहार सेवा – अनमोल सेवा












