उज्जैन (नागदा) माणक लाल जैन
नागदा
नगर में श्वेतांबर मूर्तिपूजक जैन श्रीसंघ एवं जयन्तराज चातुर्मास समिति के तत्वावधान में रविवार 10 अगस्त को नवकार महामंत्र की भव्य शोभायात्रा एवं पारणा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन पार्श्वप्रधान पाठशाला भवन में चातुर्मास हेतु विराजमान राष्ट्रसंत गुरूदेव श्रीमद् विजय जयन्तसेन सूरीश्वरजी महाराजा के शिष्यरत्न, शतावधानी मुनिराज श्री प्रत्यक्षरत्न विजयजी म.सा. एवं मुनिराज श्री पवित्ररत्न विजयजी म.सा. की नयनानंदी निश्रा में सम्पन्न हुआ।
सुबह 8 बजे रानीलक्ष्मीबाई मार्ग से प्रारंभ हुई शोभायात्रा महात्मा गांधी मार्ग होते हुए पुनः पाठशाला भवन पहुँची, जहाँ धर्मसभा का आयोजन हुआ। गाजे बाजे के साथ शोभायात्रा में नवकार पट के लाभार्थी श्रीमती दाखाबाई शांतिलालजी सकलेचा (बड़ावदा वाले ) तथा गुरुदेव श्री राजेन्द्र सूरीश्वरजी और पुण्यसम्राट जयन्तसेन सूरीश्वरजी की प्रतिमाएं लेकर चलने वाले लाभार्थी श्रीमती दाखाबाई सोभागमलजी नांदेचा (ओरा परिवार) रहे ।कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
धर्मसभा में मुनिश्री प्रत्यक्षरत्न विजयजी म.सा. ने प्रवचन में नवकार महामंत्र की महिमा का वर्णन करते हुए कहा—
“नवकार महामंत्र सभी मंत्रों का सार है, जो आत्मा को निर्मल बनाता है और जन्म-जन्मांतर के कर्मबंधन को शिथिल करता है। यह मंत्र किसी भी जाति, पंथ या देश-काल की सीमा से परे, सभी जीवों के लिए समान रूप से कल्याणकारी है। इसके स्मरण मात्र से मन में शांति, वाणी में मधुरता और जीवन में पवित्रता आती है।”
मुनिश्री पवित्ररत्न विजयजी मसा ने नवकार महामंत्र के भाष्य जाप कराते हुवे उसका प्रभाव बताया।
प्रवचन में सभी को नवकार महामंत्र अभिमंत्रित रक्षा पोटली व वाक्षेप की पुडिया वितरित की गयी। पुण्य सम्राट के सांसारिक परिवार से संगीताबेन भरतभाई मोरखिया व गुरूदेव के परम सेवक हेमन्तभाई काकंरिया पारा वाले का बहुमान श्रीसंघ द्वारा किया गया।
प्रवचन के उपरांत नवकार मंत्र आराधकों का पारणा कार्यक्रम सम्पन्न हुआ।












