मुख्य संवाददाता
नई दिल्ली, 30 जनवरी— आने वाले यूनियन बजट को लेकर देशभर के व्यापारियों में सकारात्मक उम्मीदें हैं। छोटे दुकानदारों, थोक व्यापारियों, डिस्ट्रीब्यूटरों, आयात-निर्यात करने वालों और MSME सेक्टर का मानना है कि यह बजट व्यापार को सरल बनाने, अर्थव्यवस्था को मजबूती देने और रोज़गार बढ़ाने में अहम भूमिका निभा सकता है।
सदर बाजार बारी मार्केट ट्रेड्स एसोसिएशन के अध्यक्ष परमजीत सिंह पम्मा ने कहा कि व्यापारी वर्ग चाहता है कि GST प्रणाली को सरल बनाया जाए, दरें कम हों, रिटर्न प्रक्रिया आसान बने और छोटी गलतियों पर नोटिस व डर खत्म किया जाए। उन्होंने यह भी मांग की कि GST रिफंड शीघ्र मिले और यह व्यवस्था सहायता का माध्यम बने, न कि परेशानी का।
उन्होंने कहा कि व्यापारियों पर बढ़ते कागज़ी काम और नियमों का बोझ कम किया जाना चाहिए ताकि वे फाइलों में नहीं, बल्कि व्यापार बढ़ाने में समय लगा सकें। इसके साथ ही सस्ते और आसान बिज़नेस लोन की व्यवस्था की जाए, ब्याज दरें कम हों और सरकारी गारंटी वाली योजनाओं का विस्तार किया जाए।
परमजीत सिंह पम्मा ने इनकम टैक्स में राहत की मांग करते हुए कहा कि टैक्स छूट की सीमा बढ़ाई जाए, छोटे और मध्यम व्यापारियों के लिए टैक्स दरें कम हों और टैक्स ऑडिट की प्रक्रिया सरल बनाई जाए, ताकि व्यापारी निवेश और खर्च बढ़ा सकें।
उन्होंने छोटे व्यापारियों और MSME को देश की रीढ़ बताते हुए कहा कि उनकी टर्नओवर सीमा बढ़ाई जाए, पारंपरिक और पारिवारिक व्यवसायों को प्रोत्साहन मिले और बड़े कॉर्पोरेट से उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने खपत बढ़ाने के लिए मिडिल क्लास को राहत देने और रोज़मर्रा की वस्तुओं पर टैक्स कम करने की मांग की, जिससे बाजार में खरीदारी बढ़े और व्यापार को गति मिले।
उन्होंने नीति में स्थिरता की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि टैक्स नियम बार-बार न बदले जाएं और बड़े फैसलों की पहले जानकारी दी जाए, ताकि व्यापारी भरोसे के साथ भविष्य की योजना बना सकें।
इंपोर्ट-एक्सपोर्ट को बढ़ावा देने के लिए उन्होंने कस्टम क्लियरेंस तेज़ करने, कच्चे माल पर ड्यूटी घटाने और एक्सपोर्ट इंसेंटिव मजबूत करने की मांग की। साथ ही उन्होंने इन्फ्रास्ट्रक्चर, लॉजिस्टिक्स और डिजिटल पेमेंट सिस्टम को बेहतर बनाने की आवश्यकता भी जताई।
अंत में उन्होंने कहा कि टैक्स व्यवस्था भरोसे पर आधारित होनी चाहिए और ईमानदार व्यापारियों को अनावश्यक रूप से परेशान नहीं किया जाना चाहिए। जब व्यापारी आगे बढ़ेगा, तभी रोज़गार बढ़ेगा और देश की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।












