फोर्टिस मानेसर में 50+ रोबोटिक सर्जरी पूरी, जटिल हर्निया और गॉलब्लैडर ऑपरेशन में बड़ी सफलता
सुषमा रानी
मानेसर स्थित फोर्टिस हेल्थ केयर के फोर्टिस हॉस्पिटल के जनरल सर्जरी विभाग ने 50 से अधिक रोबोट-असिस्टेड सर्जरी सफलतापूर्वक पूरी कर ली हैं। इसके साथ ही अस्पताल में विभिन्न स्पेशियलिटी में अब तक 150 से ज्यादा रोबोटिक प्रक्रियाएं की जा चुकी हैं। अस्पताल ने इसे एडवांस मिनिमली इनवेसिव सर्जरी के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि बताया है।
अस्पताल के अनुसार, रोबोटिक तकनीक की मदद से हर्निया रिपेयर, एब्डॉमिनल वॉल रिकंस्ट्रक्शन और गॉलब्लैडर सर्जरी जैसी जटिल प्रक्रियाएं अधिक सटीकता और कम दर्द के साथ की गईं।
एक 61 वर्षीय महिला मरीज, जो लिवर सिरोसिस, डायबिटीज, हाइपरटेंशन, एनीमिया और हाइपोथायरायडिज्म जैसी कई बीमारियों से पीड़ित थीं, की जटिल इररिड्यूसिबल हर्निया सर्जरी रोबोटिक तकनीक से सफलतापूर्वक की गई। अस्पताल के सर्जनों ने कम रक्तस्राव और बेहतर नियंत्रण के साथ ऑपरेशन पूरा किया। करीब दो घंटे चली इस सर्जरी के बाद मरीज की स्थिति स्थिर बताई गई।
वहीं, 49 वर्षीय एक पुरुष मरीज, जो बार-बार होने वाले अंबिलिकल हर्निया और पेट की मांसपेशियों में कमजोरी की समस्या से परेशान थे, उनकी भी जटिल रोबोट-असिस्टेड मेश रिपेयर सर्जरी की गई। लगभग तीन घंटे चली इस प्रक्रिया के जरिए हर्निया और मांसपेशियों से जुड़ी समस्या को सफलतापूर्वक दूर किया गया।
गॉलब्लैडर स्टोन के मामलों में भी अस्पताल को सकारात्मक परिणाम मिले हैं। 32 वर्षीय महिला मरीज की रोबोट-असिस्टेड कोलेसिस्टेक्टॉमी के बाद उनकी रिकवरी इतनी तेज रही कि वह अगले ही दिन यात्रा करने में सक्षम हो गईं। इसी तरह, 28 वर्षीय एक अन्य महिला मरीज की भी रोबोटिक तकनीक से गॉलब्लैडर सर्जरी की गई और उन्हें दो दिन बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
डॉ. राकेश कुमार, डायरेक्टर – रोबोटिक जनरल सर्जरी, ने कहा कि रोबोटिक सर्जरी से जटिल मामलों में सटीकता बढ़ती है, दर्द और रक्तस्राव कम होता है तथा मरीजों की रिकवरी तेजी से होती है। उन्होंने बताया कि गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल, हर्निया, यूरोलॉजी और गायनेकोलॉजिकल प्रक्रियाओं में रोबोटिक तकनीक का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है।
अभिजीत सिंह ने कहा कि फोर्टिस मानेसर का रोबोटिक सर्जरी प्रोग्राम मरीजों को विश्वस्तरीय और एडवांस सर्जिकल केयर उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है।












