जून 16, नई दिल्ली : बच्चों के स्वास्थ्य की सुरक्षा और दवाओं के दुरुपयोग पर रोक लगाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने खांसी के कफ सिरप की बिक्री को लेकर सख्त नियम लागू कर दिए हैं। नए प्रावधानों के तहत अब डॉक्टर की वैध पर्ची के बिना कफ सिरप की खरीद-बिक्री नहीं की जा सकेगी। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने इस संबंध में औषधि नियम, 1945 में संशोधन किया है। यह संशोधन राजपत्र अधिसूचना जीएसआर 927 (ई) के माध्यम से अधिसूचित किया गया है। नए नियम लागू होने के बाद कफ सिरप की बिक्री पर निगरानी और नियंत्रण और अधिक सख्त हो जाएगा। मंत्रालय के अनुसार, यह निर्णय कफ सिरप की अनियंत्रित बिक्री, संभावित दुरुपयोग तथा गुणवत्ता संबंधी जोखिमों को रोकने के लिए लिया गया है। विशेष रूप से बच्चों को दी जाने वाली दवाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी दवाओं के सुरक्षित उपयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने दवा निर्माताओं, वितरकों और खुदरा विक्रेताओं को नए नियमों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए हैं। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि नियमों के उल्लंघन की स्थिति में संबंधित पक्षों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सरकार का मानना है कि इस संशोधन से दवाओं के जिम्मेदार उपयोग को बढ़ावा मिलेगा, बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी और कफ सिरप के गलत इस्तेमाल पर प्रभावी रोक लगाई जा सकेगी।












