पंचम बाल योग संस्कार शिविर का चौथा दिन
पद्मासन लगाने से बुद्धि का विकास होता है-के के अरोड़ा
अभिवादन नमस्ते करने से चार चीजें आयु,विद्या,यश ओर बल नित्य बढ़ते हैं-दयानन्द शर्मा
केवल मुस्कुराने से आप तनाव मुक्त,युवा और सुंदर बने रहते हैं-प्रवीण आर्य
गाजियाबाद,वीरवार,25-06-2026 को अखिल भारतीय ध्यान योग संस्थान (रजि०) के तत्वावधान मे एम बी गर्ल्स स्कूल,चन्द्रपुरी के प्रांगण में पंचम बाल योग संस्कार शिविर के चौथे दिन शिविर में 70 से अधिक बच्चों एवं उनके अविभावकों ने भाग लिया।
संस्थान के अधिकारीयों शिविर संचालिकाओं एवं संचालकों ने दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
योग शिक्षिका श्रीमती दयावती शर्मा ने मधुर स्वर में विद्या की देवी सरस्वती की वंदना की उन्होंने नन्हें साधकों को कहा कि प्रभु पर विश्वास करने वाले को पर्वत के समान कष्ट आने पर भी वह नहीं डरता सबको सहन कर जाता है उसे ऐसा ज्ञान प्राप्त होता है कि वह समस्त प्राणियों को आत्मवत् देखता है अर्थात उनके सुख-दुख हानि लाभ को अपने सुख-दुख हानि लाभ समझता है उन्होंने ईश्वर भक्ति का गीत सुना कर सबको आनंदित कर दिया।
शिविर के मुख्य संयोजक असील कुमार ने सभी नन्हे साधकों को हाथों,पैरों,गर्दन एवं नेत्रों के सूक्ष्म अभ्यास कराये।उन्होंने सूर्य नमस्कार के 12 मन्त्रों के साथ सूर्य नमस्कार के लाभों की चर्चा करते हुए अभ्यास कराया।नन्ही साधिका तेजस्विनी ने आसन एवं सूर्य नमस्कार का बहुत सुंदर प्रदर्शन किया।उसके पश्चात सभी बच्चों को शवासन में विश्राम कराया जिससे सभी साधकों को आराम मिला।
संस्थान के अध्यक्ष के के अरोड़ा ने सभी बच्चों को संस्थान का नारा आंधी हो तूफान हो चेहरे पर मुस्कान हो की याद दिलाते हुए हमेशा चेहरे पर मुस्कान बनाए रखने का अनुरोध किया। उन्होंने पद्मासन के लाभों की चर्चा करते हुए बताया कि पद्मासन लगाने से हमारे रक्त का संचार मस्तिष्क की ओर होने लगता है जिससे हमारा बुद्धि का विकास होता है,कमर गर्दन सीधी रहती है।उन्होंने पलावली,शीतली,शीतकारी ओर भ्रामरी प्राणायाम का अभ्यास कराया ओर इसके लाभोँ की चर्चा की।
वरिष्ठ योग शिक्षिका वीना वोहरा ने मण्डुकासान,शशांक भुजंगासन ओर जानुशीर्षासन एवं पश्चिमोत्तानासन का अभ्यास कराया।
संस्थान के मीडिया प्रभारी योगी प्रवीण आर्य जी ने सभी नन्हे साधकों को तालीवादन के साथ हास्यासान का अभ्यास कराकर सभी को प्रफुल्लित कर दिया।उन्होंने नन्हे साधकों को बताया की योग शिक्षक प्रत्येक योग प्रक्रिया के बाद गहरा लंबा सांस लेकर मुस्कुराते हुए छोड़ने के लिए क्यों कहता है? इसलिए कि केवल मुस्कुराने से आप तनाव मुक्त,युवा और सुंदर बने रहते हैं और उन्होंने इसको प्रेक्टिकल करके भी दिखाया।
संस्थान के महामंत्री श्री दयानंद शर्मा ने अष्टांग योग के यम नियम आसान प्राणायाम प्रत्याहार धारणा ध्यान समाधि की जानकारी दी ओर कहा जो बच्चे सभी बड़ों एवं माता पिता को अभिवादन नमस्ते करते हैं एवं सम्मान करते हैं उनमें यह चार चीजें आयु,विद्या,यश ओर बल नित्य बढ़ते है,इसलिए प्रतिदिन अपने बड़ों का आशीर्वाद अवश्य लें।उन्होंने रात्रि में ब्रुश क़रके सोने ओर प्रातः काल उठ कर पानी पीने की प्रेरणा दी।
योग साधक एवं आर्य समाज चंद्रपुरी के महामंत्री अश्विनी बत्रा ने भारत माता की जय एवं वन्दे मातरम् के नारे लगवाए।
इस कार्यक्रम को सफल बनाने में कक्षा की सभी साधिकाओं नर्वदा गर्ग,देवकीनंदन वर्मा,रोशन लाल शर्मा,ताराचंद बंसल आदि का विषेश योगदान रहा।
एम बी गर्ल्स योग कक्षा की उपस्थित साधिकाओं ने शांतिपाठ एवं वैदिक प्रार्थना कराकर साधकों को प्रसाद वितरण कर आज के सत्र का समापन किया।












