*नई दिल्ली, 25 जून।* Nation First Policy Research and Change Foundation (NFPRC) ने इंडिया हैबिटेट सेंटर के गुलमोहर हॉल में सांसदों और विधायकों के लिए एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया। कार्यक्रम में लोकसभा, राज्यसभा और विभिन्न राज्यों की विधानसभाओं के लगभग 70 जनप्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य जनप्रतिनिधियों को श्रम औपचारिकीकरण, सामाजिक सुरक्षा, कौशल विकास और प्रभावी विधायी संचार जैसे विषयों पर व्यावहारिक जानकारी उपलब्ध कराना था।
कार्यक्रम में NFPRC Foundation के अध्यक्ष तरुण चुघ ने श्रम औपचारिकीकरण, कार्यबल सशक्तिकरण और डिजिटल कौशल विकास को विकसित भारत@2047 के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि डिजिटल शासन, कौशल विकास और सामाजिक सुरक्षा का विस्तार समावेशी विकास को गति देने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
कार्यशाला की अध्यक्षता हरियाणा विधानसभा के अध्यक्ष हरविंदर कल्याण ने की। उन्होंने कहा कि साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण, ज्ञान-आधारित जनप्रतिनिधित्व और निरंतर क्षमता निर्माण लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था को मजबूत बनाने के साथ विकसित भारत@2047 के लक्ष्य को हासिल करने की आधारशिला हैं।
केंद्रीय श्रम, रोजगार, युवा कार्य एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने “सामाजिक सुरक्षा का सार्वभौमिकरण और श्रमिक औपचारिकीकरण” विषय पर अपने संबोधन में नए श्रम संहिताओं, ई-श्रम पोर्टल, नेशनल करियर सर्विस (NCS) और डिजिटल लेबर चौक जैसी पहलों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि तकनीक आधारित शासन और सामाजिक सुरक्षा का विस्तार असंगठित, गिग और प्लेटफॉर्म श्रमिकों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
निर्वाचित राज्यसभा सांसद विनोद तावड़े ने जनप्रतिनिधियों के लिए प्रभावी संचार पर आयोजित सत्र में डिजिटल मीडिया, सोशल मीडिया प्रबंधन, फेक न्यूज से निपटने और स्थानीय भाषा में संवाद की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि डिजिटल संचार और क्षेत्र की जनता से निरंतर जुड़ाव प्रभावी जनप्रतिनिधित्व के महत्वपूर्ण आधार हैं।
राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (NSDC) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अरुणकुमार पिल्लई ने Skill India Digital, अंतरराष्ट्रीय कौशल मॉडल और राष्ट्रीय क्रेडिट फ्रेमवर्क पर प्रस्तुति देते हुए कहा कि वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से रोजगार के बेहतर अवसर और भविष्य के लिए तैयार कार्यबल विकसित किया जा सकता है।
कार्यक्रम के अंत में NFPRC Foundation के बोर्ड सदस्य डॉ. अभिनव प्रकाश ने सभी वक्ताओं और जनप्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि संस्था भविष्य में भी शोध-आधारित नीति संवाद, विधायी सहयोग और जनप्रतिनिधियों के क्षमता निर्माण के लिए ऐसे कार्यक्रम आयोजित करती रहेगी।
NFPRC के अनुसार, संस्था शोध आधारित नीति निर्माण, विधायी उत्कृष्टता और सुशासन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विभिन्न विषयों पर जनप्रतिनिधियों और नीति विशेषज्ञों के साथ संवाद का मंच उपलब्ध कराती है।












