October 17, 2026 5:08 pm

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थांदला चर्च के प्रथम पुरोहित ईश सेवक फादर चार्ल्स कपुचिन की 85वीं पुण्य तिथि श्रद्धा भक्ति के साथ मनाई गई।

झाबुआ थांदला माणक लाल जैन

थांदला चर्च के प्रथम पुरोहित ईश सेवक फादर चार्ल्स कपुचिन की 85वीं पुण्य तिथि श्रद्धा भक्ति के साथ मनाई गई।

थांदला …थांदला के प्रथम पुरोहित ईश सेवक फादर चार्ल्स कपुचिन जो कि 1896 में थांदला आए थे। उन्होंने कई विकट परिस्थितियों में कार्य किए उनके द्वारा थांदला में अकाल और महामारी के समय जो सेवाएं दी वह किसी फरिश्ते से कम नही थे। जिसका विवरण विनोद धानक द्वारा मिस्सा के पूर्व दिया गया।21 नवंबर 1907 में संत मैरिज ऑफ दी एंजेल्स (एस एम ए ) की तीन सिस्टर्स आगमन हुआ ये तीनों धर्म बहने थी मदर एम एलिजाबेथ मदर फेलिसिटी और सिस्टर दियांदा थी ।इसी प्रकार 4 अप्रैल1910 को तीन प्रभु दासी सिस्टर्स थांदला आए। शुरुआत में प्रभुदासी सिस्टर्स संत मैरिज कॉन्वेंट की सिस्टर्स के अधीन थी जिससे उनके कार्य विभाजन में कठिनाई आ रही थी। सन 1911 में दोनों संस्थाएं अलग अलग हो गई जिससे वे अपने कार्य को ठीक व्यवस्थित ढंग से करने लगे।। कार्यक्रम में मिस्सा पूजा के मुख्य याजक कैथोलिक डायसिस झाबुआ के बिशप पीटर खराड़ी थे। जिन्होंने ईश सेवक फादर चार्ल्स कपुचिन के जीवन के बारे में और प्रभु येशु के रूपांतरण बारे में बताया । मिस्सा पूजा में बिशप पीटर खराड़ी के साथ पल्ली पुरोहित फादर पीटर कटारा सहायक फादर मनीष खड़िया और फादर रोशन उपस्थित थे। अंत में पल्ली पुरोहित फादर पीटर कटारा ने बिशप पीटर खराड़ी का स्वागत किया एवं आभार भी माना।मास्टर पूनिया मास्टर विजय सिंगाड़िया मास्टर राजू बारिया सिस्टर निर्मला और सिस्टर वेरोनिका को सहयोग के लिए धन्यवाद दिया साथ ही राजू कटारा एवं उनके दल का सुमधुर गीतों की प्रस्तुति के लिए आभार माना। नो दिन की नौवें ना प्रार्थना में भाग लेने वाले प्रत्येक विश्वासी के प्रति आभार माना।

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