कांग्रेस कार्यसमिति ने मोदी सरकार पर साधा निशाना, युवाओं, अयोध्या और चीन सीमा समेत कई मुद्दों पर उठाए सवाल
नई दिल्ली, 19 अगस्त। कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक बुधवार को नई दिल्ली स्थित इंदिरा भवन में हुई। बैठक में देश की मौजूदा राजनीतिक स्थिति की समीक्षा करते हुए युवाओं की समस्याओं, अयोध्या में राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े कथित चंदा चोरी के आरोपों, कृषि-ऊर्जा सुरक्षा, अरुणाचल प्रदेश में चीन से जुड़ी सीमा संबंधी रिपोर्टों और E20 ईंधन समेत कई मुद्दों पर चर्चा की गई।
कार्यसमिति ने पेपर लीक और बेरोजगारी को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। प्रस्ताव में दावा किया गया कि 2014 से अब तक कम से कम 152 पेपर लीक के मामले दर्ज हुए हैं। कांग्रेस ने कहा कि युवाओं में बेरोजगारी गंभीर संकट बन चुकी है और शिक्षित युवाओं में बेरोजगारी की स्थिति विशेष रूप से चिंताजनक है।
कांग्रेस कार्यसमिति ने छात्र आंदोलनों के खिलाफ कथित कार्रवाई की भी आलोचना की और प्रधानमंत्री तथा गृह मंत्री से इन मुद्दों पर संसद में जवाब देने की मांग की। प्रस्ताव में राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूँज’ अभियान का उल्लेख करते हुए कहा गया कि इसके माध्यम से युवाओं की आवाज और उनकी समस्याओं को उठाया जा रहा है।
अयोध्या मामले में स्वतंत्र जांच की मांग
कांग्रेस कार्यसमिति ने अयोध्या में राम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े कथित चंदा चोरी के आरोपों पर चिंता जताई। पार्टी ने मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में स्वतंत्र जांच कराने और ट्रस्ट के नकद तथा मूल्यवान वस्तुओं समेत सभी खातों का विस्तृत ऑडिट कराने की मांग की।
चीन सीमा और राष्ट्रीय सुरक्षा पर सवाल
कार्यसमिति ने अमेरिकी दबाव के आगे भारत की कृषि एवं ऊर्जा सुरक्षा तथा रणनीतिक संप्रभुता से समझौता किए जाने का आरोप लगाया। साथ ही अरुणाचल प्रदेश में चीन की कथित घुसपैठ और LAC के पास भारतीय पेट्रोलिंग से जुड़े मुद्दों पर चिंता जताई। प्रस्ताव में केंद्र सरकार से इस संबंध में स्थिति स्पष्ट करने की मांग की गई।
E20 ईंधन को लेकर भी चिंता
कांग्रेस ने E20 ईंधन के कारण कम माइलेज, वाहनों की अनुकूलता और उपभोक्ताओं के सीमित विकल्पों को लेकर चिंता जताई। इसके अलावा ईंधन के दूषित होने तथा गन्ने और मक्के के ईंधन के रूप में इस्तेमाल से पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभावों को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।
महिला आरक्षण जल्द लागू करने की मांग
कार्यसमिति ने महिला आरक्षण लागू करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए 2029 के लोकसभा चुनाव से महिलाओं के लिए एक-तिहाई आरक्षण लागू करने की मांग की। प्रस्ताव में लोकसभा की कुल सदस्य संख्या और राज्यों के बीच वर्तमान सीट आवंटन पर संवैधानिक रोक को अगले 25 वर्षों तक बढ़ाने की मांग भी की गई है।












