सांकेतिक भाषा दिवस पर भाषाई विविधता को बढ़ावा देने के लिए मूक बधिर अंध विद्यालय बुरहानपुर में हुआ कार्यक्रम आयोजित एवं दिव्यांगजनों को बताये उनके हक़ और अधिकार l
बुरहानपुर – कार्यालय कलेक्टर , सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग बुरहानपुर द्वारा म.प्र. शासन भोपाल के निर्देशानुसार व् जिला कलेक्टर हर्ष सिंह के मार्गदर्शन में बुरहानपुर जिले में जायन्ट्स चेरिटेबल ट्रस्ट द्वारा संचालित मूकबधिर अंध विद्यालय में सांकेतिक भाषा दिवस बड़ी धूम धाम से मनाया गया l इस अवसर पर सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के उपायुक्त दुर्गेश दुबे ,जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जिला न्यायालय बुरहानपुर से जिला विधिक सहयता अधिकारी सुश्री अनुपमा मुजाल्दे ,सामाजिक न्याय विभाग सुरक्षा विस्तार अधिकारी निखिल जी , जायंट्स चेरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष कैलाश अग्रवाल , जायंट्स चेरिटेबल ट्रस्ट के सचिव महेंद्र जैन एवं प्राचार्य देविदास चौहान के साथ साथ सामाजिक न्याय विभाग के पदाधिकारी व् कर्मचारी व शाला के शिक्षक शिक्षिकाए एवं बड़ी संख्या में मूकबधिर अंध छात्र एवं छात्राए उपस्थित थे l
सांकेतिक भाषा दिवस समारोह को संबोधित करते हुए श्री दुबे ने कहा की इस दिवस को मनाने का उदेश्य मूकबधिर और श्रवण बाधित समुदाय के लिए सांकेतिक भाषाओ के महत्व को बढ़ावा देना एवं भाषाई एवं संस्कृतिक विविधता का उत्सव मनाना है l इस वर्ष की थीम सांकेतिक भाषा हमे एकजुट करती है l इसी उदेश्य को परिपूर्ण करने के लिए आज यह दिवस मनाया गया है l सांकेतिक भाषा दिवस को संबोधित करते हुए सुश्री अनुपमा मुज्लादे ने कहा की मूकबधिर एवं अंध छात्र एवं छात्राओं के लिए शासन द्वारा विभिन्न प्रकार की योजनाये संचालित होती है जिसका लाभ इस विषय से संबंधित सभी जनसमुदाय को सुविधाए शत प्रतिशत प्राप्त हो यही मुख्य उदेश्य है l
सांकेतिक भाषा दिवस को संबोधित करते हुए निखिल जी ने कहा की यह शाला कार्यस्थलो और नागरिक जीवन में समावेशिता बढाती है l सांकेतिक भाषा दिवस को संबोधित करते हुए वरिष्ठ समाज सेवी एवं ट्रस्ट सचिव महेंद्र जैन ने कहा की इस देश व् दुनिया में 300 से अधिक सांकेतिक भाषाए है l हर सांकेतिक भाषा की अपनी व्याकरण वाक्य रचना और शब्दावली होती है l सांकेतिक भाषा उनकी पहचान ,शिक्षा और सामाजिक भागीदारी का आधार है l कार्यक्रम का संचालन ट्रस्ट सचिव महेंद्र जैन ने किया एवं उपस्थित अन्गंतुक महानुभव का आभार ट्रस्ट अध्यक्ष कैलाश अग्रवाल ने माना l












