अंतरराज्यीय स्तर पर नकली और जीवनरक्षक दवाओं के बड़े रैकेट का पर्दाफाश
अनिल कुमार गुप्ता दिल्ली
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की टीम ने एक अंतरराज्यीय स्तर पर नकली और जीवनरक्षक दवाओं के बड़े रैकेट का पर्दाफाश करते हुए 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। बता दें कि आरोपियों के कब्जे से करीब 6 करोड़ रुपये कीमत की नकली और सरकारी सप्लाई की दवाएं, वैक्सीन, इंसुलिन, एंटी सीरम, ह्यूमन एल्ब्यूमिन समेत भारी मात्रा में दवाएं और पैकेजिंग मशीनें बरामद की गई हैं। दिल्ली पुलिस ने मुखर्जी नगर इलाके में चल रही अवैध मैन्युफैक्चरिंग और री-पैकेजिंग यूनिट का भी खुलासा किया है। डीसीपी पंकज कुमार ने बताया कि क्राइम ब्रांच की टीम को को सूचना मिली थी कि एक संगठित गिरोह सरकारी अस्पतालों में सप्लाई होने वाली दवाओं को अवैध तरीके से बाजार में बेच रहा है, जिसके बाद क्राइम ब्रांच और ड्रग कंट्रोल विभाग की टीम द्वारा मुखर्जी नगर इलाके में स्थित एक मकान पर छापा मारा गया, जहां आरोपी मनोज कुमार जैन को धर दबोच लिया गया। शुरुआती जांच में सामने आया कि गिरोह उत्तर प्रदेश के प्रयागराज स्थित सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों से दवाएं अवैध तरीके से हासिल करता था।
दिल्ली पुलिस की जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी पहले सरकारी सप्लाई वाली दवाओं के असली लेबल और पहचान चिह्न हटाते थे, जिसके बाद नई पैकेजिंग और नकली लेबल लगाकर उन्हें बाजार में महंगी कीमतों पर बेच दिया जाता था। यह गिरोह दिल्ली-एनसीआर के अलावा कोलकाता, गुवाहाटी, इंफाल और पूर्वोत्तर राज्यों तक सप्लाई कर रहा था। साथ ही आरोपी नकली ह्यूमन एल्ब्यूमिन जैसी गंभीर मरीजों को दी जाने वाली दवाएं भी तैयार कर रहे थे, जिससे लोगों की जान को बड़ा खतरा पैदा हो सकता था। डीसीपी ने कहा कि इस मामले में पुलिस ने मनोज कुमार जैन, राजू कुमार मिश्रा, विक्रम सिंह (उर्फ) सनी और वतन को गिरफ्तार किया है। जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह सरकारी अस्पतालों के कुछ अंदरूनी संपर्कों की मदद से अतिरिक्त दवाएं हासिल करता था, जिसके बाद इन्हें गुप्त यूनिट में ले जाकर री-लेबलिंग और री-पैकेजिंग की जाती थी। साथ ही आरोपियों के खिलाफ ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट और भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस की टीम नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों, हवाला लेनदेन और सप्लाई चेन की जांच कर रही है, क्योंकि यह रैकेट लोगों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ कर रहा था। इसे पूरी तरह खत्म करने के लिए आगे भी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।












